गाजियाबाद में बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में शासन ने तलब की रिपोर्ट

गाजियाबाद ब्यूरो। सामूहिक दुष्कर्म की शिकार बच्ची के 12 साल की उम्र में बच्चे को जन्म देने के बाद शासन ने पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है। पुलिस अफसरों से पूछा गया है कि अब तक क्या कार्रवाई की गई? इसके बाद पुलिस ने पूरक आरोप पत्र दाखिल करने की तैयारी तेज कर दी है। यह 14 अक्तूबर से पहले उन दो आरोपियों के खिलाफ दाखिल किया जाएगा जिनकी गिरफ्तारी बाद में की गई। 14 को बच्ची के माता-पिता का कोर्ट में बयान दर्ज किया जाना है। इसी बयान के बाद तय होगा कि बच्ची ने जिस नवजात को जन्म दिया है, उसकी परवरिश कैसे होगी और कौन करेगा? बच्ची के माता-पिता ने नवजात को रखने से साफ इन्कार कर चुकी है। ऐसे में बच्चे का भविष्य कोर्ट के आदेश से तय होगा। फिलहाल बच्ची मेरठ के मेडिकल कॉलेज में भर्ती है। उसने वहीं पर बच्चे को जन्म दिया। अब तक यह भी पता नहीं चल पाया है कि बच्चे का पिता कौन है? इसके लिए पुलिस ने बच्चे और सामूहिक दुष्कर्म के डासना जेल में बंद तीन आरोपियों के डीएनए सैंपल लेकर विधि विज्ञान प्रयोगशाला, निवाड़ी भेजे हैं। वहां से डीएनए मिलान की रिपोर्ट आने का इंतजार है। यह रिपोर्ट भी कोर्ट में पेश की जानी है। पुलिस ने अब तक की कार्रवाई की रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
साहिबाबाद सीओ स्वतंत्र कुमार सिंह का कहना है कि एफआईआर में दो सगे भाइयों को नामजद कराया गया था। उन्हें गिरफ्तार कर आरोप पत्र दाखिल कर दिया। जांच के दौरान सामने आया कि खोड़ा के एक दुकानदार ने भी दुष्कर्म किया था। इसमें बच्ची की सहेली ने सहयोग किया। दुकानदार भी गिरफ्तार हो चुका है। 16 साल की सहेगी बाल सुधार गृह भेजी जा चुकी है। इन दोनों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा। गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई के लिए विधिक राय ली जा रही है।
बच्ची की मां ने बताया कि सामूहिक दुष्कर्म के तीन आरोपियों में दो सगे भाई हैं। उनकी बेटी दोनों को भाई कहती थी। उन्होंने दरिंदगी के साथ भरोसे का खून भी किया है। जिस सहेली पर बेटी को बहुत भरोसा था, उसने भी धोखा दिया। सहेली ही उसे उस घर में ले गई थी जहां दरिंदगी की गई। पहले दो भाइयों ने दुष्कर्म किया। इसके बाद दुकानदार ने। पुलिस का कहना है कि दुष्कर्म पीड़ित बच्ची की मौसी के घर में किया गया। मौसी की भूमिका की जांच की जा रही है।
कब-कब, क्या-क्या हुआ
05 सितंबर : सामूहिक दुष्कर्म का केस खोड़ा थाना में दर्ज। आरोपी दोनों भाइयों को गिरफ्तार किया गया।
06 सितंबर : दोनों ने दुष्कर्म करना कुबूल किया। कोर्ट में पेशी के बाद दोनों को डासना जेल भेजा गया।
30 सितंबर : तीसरा आरोपी गिरफ्तार। जांच के दौरान पता चला था कि उसने भी बच्ची से दुष्कर्म किया है।
30 सितंबर : बच्ची की तबीयत बिगड़ने पर उसे जिला एमएमजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
01 अक्तूबर : सामूहिक दुष्कर्म में सहयोग के आरोप में बच्ची की 16 साल उम्र की सहेली को बाल सुधार गृह भेजा गया।
04 अक्तूबर : तबीयत बिगड़ने पर सामूहिक दुष्कर्म की शिकार बच्ची को मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
05 अक्तूबर : मेरठ मेडिकल कॉलेज में 12 साल की बच्ची का प्रसव हुआ, बेटे को जन्म दिया।
06 अक्तूबर : पुलिस ने नवजात का डीएनए सैंपल लिया। आरोपियों के सैंपल के साथ इसे विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा।




