जानिए इटावा के चमत्कारी हनुमान मंदिर की कहानी, यहां लड्डू खाते हैं बजरंग बली

इटावा,(उत्तर प्रदेश)। हिंदू धर्म में ऐसी मान्यता है कि कलयुग में एक ही देवता जीवित है, जिनका नाम है राम भक्त हनुमान। आज बुढ़वा मंगल के मौक पर जानिए इटावा से करीब 12 किलोमीटर दूर स्थित चमत्कारी पिलुआ वाले हनुमान मंदिर की कहानी। जहां आज बुढ़वा मंगल के चलते हजारों की संख्या में लोगों ने पहुंचकर रामभक्त हनुमान के दर्शन किए। इस मंदिर में स्थापित हनुमान जी अपने भक्तों की मुरादें तो पूरी करते ही हैं साथ ही मंदिर में अपने मौजूद होने का भी संकेत देते हैं। भक्तों के मुताबिक हनुमान जी यहां सजीव रूप में लड्डू खाते हैं। बताया जाता है कि यहां मौजूद मूर्ति के मुंह में जितना भी लड्डू डालो वह कहां गायब हो जाता है पता ही नहीं चलता। यह वर्षों से इसी क्रम में चला आ रहा है। किसी को नहीं पता कि आखिर प्रसाद जाता कहां है।
पिलुआ वाले हनुमान जी के नाम से प्रसिद्ध इस मंदिर का इतिहास भी काफी रोचक है। मंदिर के पुजारी बताते हैं कि पिलुआ एक जंगली पेड़ होता है। इसकी जड़ के नीचे एक दिन हनुमान जी दबे हुए एक राजा को मिले थे। उस राजा ने उन्हें वहां से निकलवा कर उनके लिये उसी जगह पर एक छोटा सा मंदिर बनवाया। तभी इसे इस मंदिर का नाम पिलुआ वाले महावीर पड़ गया।



