यूपी में अपराध पर काबू पाने के लिए सीएम योगी का बड़ा प्लान,खत्म होगा नशा कारोबार

  • एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का सीएम योगी ने किया गठन
  • उत्तर प्रदेश में नशे के कारोबार पर फोर्स करेगी वार
  • जोन और क्षेत्रीय स्तर पर नारकोटिक्स पुलिस थाने की होगी स्थापना

लखनऊ,(उत्तर प्रदेश)। सत्ता में दोबारा पूर्ण बहुमत से वापसी करने के बाद से सीएम योगी आदित्यनाथ फुल एक्शन में दिख रहे हैं। एक और जहां माफिया-अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के साथ ही उनके अवैध निर्माण पर बुल्डोजर चला रहे है। वहीं दूसरी ओर लापरवाह अधिकारियों पर नजीर पेश करने वाली कार्रवाई कर रहे हैं। इसी क्रम में अब सीएम योगी ने नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिये एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन कर दिया है। इससे मादक पदार्थों के कारोबार में लिप्त अपराधी और माफियाओं पर कार्रवाई हो सकेगी।जानकारी के मुताबिक, यूपी सरकार ने मादक पदार्थों के अवैध व्यापार की रोकथाम के लिये एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया है। यह टास्क फोर्स अपर पुलिस महानिदेशक अपराध के अधीन काम करेगा। साथ ही जोन और क्षेत्रीय स्तर पर नारकोटिक्स पुलिस थाना की स्थापना की जाएगी। इसी क्रम में प्रथम चरण में बाराबंकी और गाजीपुर जिले में नारकोटिक्स थाना स्थापित किए जाएंगे।
अन्य एजेंसियों के अधिकारियों को प्रतिनियुक्त पर लाएंगे
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) में केंद्र की अन्य एजेंसीनारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (एनसीबी), राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) से अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति के आधार पर लिया जाएगा। वहीं एएनटीएफ के सदस्यों के प्रोत्साहन के लिए पुरस्कार और अन्य भत्ते की व्यवस्था भी की जाएगी। बताया जा रहा है कि इस टास्क फोर्स को मादक पदार्थों के कारोबार में लिप्त अपराधियों, माफियाओं और गिरोहों के खिलाफ कार्यवाही में खोज जब्ती, गिरफ्तारी और विवेचना करने की सारी शक्तियां प्राप्त होंगी। सिर्फ इतना ही नहीं, अधिकारी अपने कार्यक्षेत्र में किसी भी थाने में अपराधियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए विवेचना स्वयं ग्रहण कर सकते हैं।

तीन हिस्सों में बटेगा टास्क फोर्स
इस टास्क फोर्स को पूरे प्रदेश में तीन रीजन वेस्ट, सेंट्रल व ईस्ट में विभाजित किया गया है। मुख्यालय स्तर पर एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के प्रभारी पुलिस उप महानिरीक्षक एएनटीएफ होंगे, जिनके सहयोगा के लिये पुलिस अधीक्षक (एएनटीएफ) आपरेशन व पुलिस अधीक्षक (एएनटीएफ) मुख्यालय नियुक्त रहेंगे। साथ ही मुख्यालय स्तर पर अपर पुलिस अधीक्षक आपरेशन व अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय तथा पुलिस उपाधीक्षक आपरेशन व पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय नियुक्त होंगे। वहीं वेस्ट, सेंट्रल व ईस्ट रीजन के प्रभारी पुलिस उपाधीक्षक होंगे। वेस्ट रीजन के अंतर्गत मेरठ, बरेली और आगरा जोन आएगा। सेंट्रल रीजन के अंतर्गत लखनऊ, कानपुर और ईस्ट रीजन के अंतर्गत प्रयागराज, गोरखपुर और वाराणसी जोन आएंगे। इन जोनल प्रभारियों को आवश्यक संशाधन भी उपलब्ध कराये जाएंगे।
कुछ महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
1- एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का मुख्य दायित्व मादक पदार्थों के प्रवर्तन के आधार पर प्रभावी अंकुश लगाना होगा।
2- मादक पदार्थों की मांग को कम करने के लिए संबंंधिक एजेंसियों से समन्वय स्थापित करना।
3- मादक पदार्थों के सेवन को रोकने हेतु जन जागरूकता अभियान कियान्वित करना।
4- अन्य राज्यों से समन्वय स्थापित करना।
5- राज्य में हो रही वैध अफीम खेती से सम्बन्धित प्रक्रियाओं पर नजर रखना।
6- सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालयद्वारा चलाये जा रहे नशीली दवाओं की लत और रोकथाम शिक्षा और जागरूकता सृजन कार्यक्रम के लिए उपचार और पुनर्वास को राज्य स्तर पर कियान्वित करना।
7- स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा चलाये जा रहे नशा मुक्ति सेण्टर से समन्वय स्थापित करना।

8- सूचान प्रौद्योगिकी का दुरूपयोग रोकने के लिए डार्क वेब, सोशल मीडिया, क्रिप्टोकरेंसी आदि के माध्यम से नारकोटिक्स का अवैध व्यापार करने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही कराना।
9- मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त सूचीबद्ध गैंगों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करना ।
10- एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का मुख्य दायित्व है नार्को समन्वय केंद्र (एनसीओआरडी) के माध्यम से 04 स्तरीय तंत्र के लिए सेकट्रियेट के रूप में कार्य करना व समन्वय स्थापित करना।

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