मौत को दावत देती नहर! अंजनी जलाशय की लाइनिंग बनी खतरे की घंटी

शोभित शर्मा,कोरबा/छत्तीसगढ़। अंजनी जलाशय से निकली नहर की लाइनिंग निर्माण इन दिनों लोगों के लिए बड़ी चिंता का कारण बनती जा रही है। निर्माण कार्य में भारी लापरवाही के चलते यह नहर अब “सिंचाई का साधन” कम और “हादसे का इंतजार” ज्यादा लग रही है। नहर के किनारों पर सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। कई जगह लाइनिंग अधूरी और कमजोर दिखाई दे रही है।
गहराई और ढलान इतनी खतरनाक है कि कोई भी व्यक्ति या मवेशी फिसलकर गिर सकता है। आसपास न तो चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, न ही बैरिकेडिंग की गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नहर के पास से गुजरना भी जोखिम भरा हो गया है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के साथ जानवरों का नहर का दोनों किनारे की गहराई लगभग 30 फीट है अगर किसी प्रकार की घटना घटित हुई तो बचने कि कोई उम्मीद नहीं है। जबकि बरसात या रात के अंधेरे में यह खतरा और बढ़ सकता है।
सबसे बड़ा सवाल:
अगर कोई बड़ा हादसा होता है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या संबंधित विभाग और ठेकेदार किसी अनहोनी का इंतजार कर रहे हैं?
प्रशासन से मांग:
नहर के किनारों पर तत्काल सुरक्षा व्यवस्था की जाए, अधूरे और घटिया निर्माण की जांच कराई जाए, जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर कार्रवाई हो। जब तक समय रहते सुधार नहीं किया गया, तब तक यह नहर किसी भी दिन बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।




