चुनावी जीत के चक्कर में केजरीवाल भूले संविधान की मर्यादा? हिंदू वोटर्स को लुभाने के लिए नोट पर लक्ष्मी-गणेश छपवाने की मांग

नेशनल डेस्क।  गुजरात विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका हैं। इस बार आम आदमी पार्टी दिल्ली और पंजाब फतह करने के बाद गुजरात की ओर कूच कर चुकी हैं। विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए अरविंद केजरीवाल तमाम कोशिश कर रहे हैं। गुजरातियों को लुभाने के चक्कर में केजरीवाल अपनी सारी सीमाएं लांघ गये हैं। राजनीति में आने से पहले अरविंद केजरीवाल एक इनकम टेक्स ऑफिसर थे। इनकम टैक्स ऑफिसर बनने के लिए काफी पढ़ाई करनी होती हैं लेकिन अब वह एक राजनैता है और दिल्ली के मुख्यमंत्री। अब उन्होंने गुजरात में हिंदू वोटर्स को प्रभावित करने के लिए एक बेतुका बयान दिया हैं। उन्होंने मांग की हैं कि देश में जारी नोटों पर लक्ष्मी और गणेश जी की फोटो छापी जाए।

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं कल या परसों केंद्र को पत्र लिख कर अपील करूंगा कि भारतीय नोटों पर लक्ष्मी और गणेश जी की तस्वीरें छापी जाएं। अगर इंडोनेशिया ऐसे कर सकता है तो हमारा देश क्यों नहीं। देश की आर्थिक स्थिति को ठीक करने के प्रयासों के अलावा हमें ईश्वर के आशीर्वाद की जरूरत है। दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल का कहना है कि मैं केंद्र सरकार और पीएम से अपील करता हूं कि वे श्री गणेश जी और श्री लक्ष्मी जी की तस्वीर के साथ-साथ गांधी जी की तस्वीर हमारे नए नोटों पर लगाएं।

आपको बता दें कि भारतीय संविधान में भारत एक पंथनिरपेक्ष देश है जहां हर धर्म, जाति, समुदाय के लोगों को बराबर समझा जाता है। पंथनिरपेक्ष यानी धर्मनिरपेक्षता का अर्थ है कि राज्य राजनीति या किसी गैर-धार्मिक मामले से धर्म को दूर रखे तथा सरकार धर्म के आधार पर किसी से भी कोई भेदभाव न करे। धर्म व्यक्ति का निजी मामला है ऐसे में अरविंद केजरीवाल ने ऐसी मांग करके भारत की पंथनिरपेक्षता पर सवाल उठाने की कोशिश की हैं।

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