दिल्ली में डेटा ड्रिवेन पुलिसिंग की ओर बड़ा कदम
क्राइम ब्रांच ने 350 से अधिक अधिकारियों को दिया हाई-टेक प्रशिक्षण

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने विभिन्न राष्ट्रीय और आंतरिक डिजिटल पुलिसिंग प्लेटफार्मों पर 350 से अधिक अधिकारियों के लिए एक उच्च स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। शनिवार को दिल्ली पुलिस मुख्यालय के आदर्श सभागार में आयोजित यह सत्र दिल्ली पुलिस प्रमुख सतीश गोलचा की देखरेख में आयोजित किया गया।
क्राइम ब्रांच के एडिशनल पुलिस आयुक्त मंगेश कश्यप के मुताबिक, बल की कई इकाइयों से कुल 310 निरीक्षकों और 41 एसीपी ने भाग लिया। इस पहल का उद्देश्य जांच, निगरानी और डेटा-संचालित पुलिसिंग के लिए महत्वपूर्ण डिजिटल उपकरणों के उपयोग में अधिकारियों को व्यावहारिक कौशल से लैस करके पुलिस बल की तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करना है।
कार्यक्रम के दौरान, अधिकारियों को क्राइम कुंडली, क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (सीसीटीएनएस), नेशनल आटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (एनएएफआइएस), सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (सीईआइआर), नेशनल इंटेलिजेंस ग्रिड (एनएटीजीआरआइडी), मानस पोर्टल, प्रगति डैशबोर्ड और कई अन्य एप्लिकेशन जैसे प्लेटफॉर्मों में प्रशिक्षित किया गया। ये प्लेटफार्म सामूहिक रूप से वास्तविक समय अपराध निगरानी, फिंगरप्रिंट विश्लेषण, मोबाइल डिवाइस ट्रैकिंग, खुफिया साझाकरण और प्रदर्शन आडिटिंग का समर्थन करते हैं।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रशिक्षण बल के स्मार्ट और तेज पुलिसिंग की ओर सक्रिय बदलाव को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जटिल, अंतर-राज्यीय और साइबर-सक्षम अपराधों से निपटने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग केंद्रीय होता जा रहा है। सत्र के दौरान कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे।





