अलीगढ़ से आईएसआईएस के दो आतंकी गिरफ्तार

अलीगढ़/उत्तर प्रदेश। अलीगढ़ में आतंकवाद विरोधी दस्ते एटीएस को सोमवार को बड़ी कामयाबी मिली है। एटीएस की टीम ने आतंकी संगठन आईएसआईएस से जुड़े 2 सेल्फ रेडिकलाइज्ड आतंकियों को अलीगढ़ से अलग-अलग इलाके से धर दबोचा है। दोनों आतंकियों की पहचान अलीगढ़ निवासी अब्दुल्ला अर्सलान और माज बिन तारिक के रूप में हुई है। इस दोनों ही आतंकियों ने आईएसआईएस की शपथ ले रखी है। इनके पास से आईएसआईएस का प्रतिबंधित साहित्य और पेन ड्राइव मिली है। यह अपने हैंडलर्स के निर्देशों पर देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में कोई बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे।
यूपी एटीएस को बीते कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि कुछ लोग आईएसआईएस की विचारधारा से प्रेरित होकर आईएसआईएस की बैयत यानी शपथ ले चुके हैं और वे खिलाफत कायम करने के लिए देश विरोधी षड्यंत्र रच रहे हैं। एटीएस को यह भी जानकारी मिली थी कि ये लोग रेडिकलाइज्ड हैं और आईएसआईएस के अपने सीनियर्स के निर्देशों पर अपने जैसी वैचारिक धारणा रखने वाले लोगों को एक साथ जोड़कर आतंकी जेहाद की सेना बना रहे हैं। ये लोग अपने हैंडलर्स के निर्देशों पर उत्तर प्रदेश में कोई बड़ी घटना करने के लिए योजना बना रहे हैं।
आतंकी विचारधारा के कई ग्रुप मिले
सूचना पर यूपी एटीएस की टीम ने अब्दुल्ला अर्सलान और माज बिन तारिक को 5 नवंबर को अलीगढ़ जिले से अलग-अलग जगह से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आतंकियों के पास से आईएसआईएस और अल कायदा इंडिया सबकॉन्टिनेंट से जुड़े कई प्रिंटेड साहित्य और आईएसआईएस के प्रोपेगैंडा से भरी पेन ड्राइव बरामद हुई है। इसके साथ ही इनके पास से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मेमोरी से देश-विरोधी और आतंकी विचारधारा समर्थित कई ग्रुप भी पाए गए हैं, जिनमें आईएसआईएस के प्रतिबंधित साहित्य का आदान-प्रदान करना पाया गया है।
रिमांड में भेजा गया
दोनों ही आतंकियों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। जहां उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। आतंकियों से ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुटाने के लिए पुलिस ने आतंकियों की रिमांड के लिए भी कोर्ट से अनुरोध किया है। इसके अलावा यूपी एटीएस की ओर से यह भी जानकारी दी गई है कि पूर्व में गिरफ्तार किए गए शाहनवाज और रिजवान के संबंध अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्र संगठन (स्टूडेंट्स ऑफ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी ) से जुड़े कुछ छात्रों से हैं, जो आईएसआईएस की विचारधारा से गहराई से प्रेरित है और भारत विरोधी षड्यंत्रों में संलिप्त हैं। इस संबंध में 3 नवंबर को मुकदमा दर्ज किया गया था।

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