कांग्रेस को लगा एक और बड़ा झटका, प्रवक्ता पद से जयवीर शेरगिल ने दिया इस्तीफा

नई दिल्ली। वकील से नेता बने जयवीर शेरगिल ने  बुधवार को कांग्रेस प्रवक्ता के पद से इस्तीफा दे दिया। जिसके बाद उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सबसे पुरानी पार्टी का निर्णय जमीनी हकीकत और जनहित के अनुरूप नहीं है, बल्कि यह चाटुकारिता से प्रभावित है। समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए, शेरगिल ने कहा कि मैंने कांग्रेस पार्टी में सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे का प्राथमिक कारण यह है कि कांग्रेस में निर्णय अब जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए नहीं किया जा रहा है। आज कांग्रेस पार्टी के निर्णय जनहित में नहीं कुछ लोगों के हित में निर्णय  लिए जा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी का निर्णय अब जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाता। मैं राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से एक साल से अधिक समय से समय मांग रहा हूं, लेकिन कार्यालय में हमारा स्वागत नहीं है।

जयवीर शेरगिल ने कहा कि पिछले 8 सालों में मैंने कांग्रेस से कुछ नहीं लिया बल्कि पार्टी में डाला है। आज जब मुझे लोगों के सामने झुकने के लिए मजबूर किया जा रहा है क्योंकि वे शीर्ष नेतृत्व के करीब हैं। यह मुझे स्वीकार्य नहीं है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद से इस्तीफा देने के बाद जयवीर शेरगिल ने कहा कि कांग्रेस के जो निर्णय लिए जाते हैं उसमें आपकी काबिलियत, जनता की आवाज़, युवाओं की अपेक्षाओं को नजरअंदाज करके सिर्फ कुछ लोग जो चुनाव भी हार चुके हैं, केवल उनकी ताजपोशी हो रही है।

कांग्रेस नेता जयवीर शेरगिल ने बुधवार को पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में अपना इस्तीफा दे दिया और दावा किया कि निर्णय लेने वालों की दृष्टि अब युवाओं की आकांक्षाओं के अनुरूप नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि स्व-सेवा हितों को प्राथमिकता मिल रही है जबकि सार्वजनिक और राष्ट्रीय हितों की अनदेखी की जा रही है। शेरगिल ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपना पत्र भेजा। शेरगिल ने अपने पत्र में कहा, “प्राथमिक कारण यह है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वर्तमान निर्णय निर्माताओं की विचारधारा और दूरदृष्टि अब युवाओं और आधुनिक भारत की आकांक्षाओं के अनुरूप नहीं है।

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