दिल्ली पुलिस पर लगा एक और दाग, जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान एसआई पर रिश्वत मांगने का आरोप

रिश्वत के लिए ब्लैकमेलिंग, खुल गया एसआई का काला चिट्ठा

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट में पिछले दिनों हत्या के प्रयास के मामले में आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान जो कुछ हुआ, उससे दिल्ली पुलिस पर एक और दाग लग गया। दरअसल पुलिस सूत्र ने बताया, हत्या के प्रयास के मामले में आरोपी के वकील ने हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान कोर्ट को कहा, यहां मौजूद केस के इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर (आईओ) उनके मुवक्किल के परिवार को ब्लैकमेल कर रहे हैं। वह अग्रिम जमानत दिलवाने की एवज में रिश्वत मांग रहे हैं।
कोर्ट के सामने मुवक्किल के रिश्तेदार और आईओ के बीच हुई चैट के स्क्रीनशॉट भी दिखाए गए। इसके बाद हाईकोर्ट ने मामले में उचित कार्रवाई करने के आदेश दिए। पहले सब इंस्पेक्टर (एसआई) को सस्पेंड किया गया। इसके बाद नॉर्थ एवेन्यू थाने के एसएचओ ने अपने ही थाने में तैनात रहे एसआई के खिलाफ शिकायत दी। इस पर दिल्ली पुलिस की विजिलेंस यूनिट ने करप्शन (भ्रष्टाचार) एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कहना है कि मामले की छानबीन जारी है। हालांकि, एसआई की गिरफ्तारी को लेकर कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
विजिलेंस यूनिट में तैनात पुलिस सूत्र के मुताबिक, 19-20 अक्टूबर 2024 की दरमियानी रात आरएमएल अस्पताल के गेट नंबर पांच पर इंद्रपुरी के रहने वाले दो गुटों के बीच झगड़ा हुआ था। नई दिल्ली के नॉर्थ एवेन्यू थाने में एक ओर से हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं और दूसरी ओर से गैर इरादतन हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज हुए थे। दोनों मामलों में चार्जशीट दायर हो चुकी थी। फरार आरोपियों के संबंध में आगे की जांच जारी थी। 7 मई, 2025 को, हत्या के प्रयास वाले मामले में आरोपी रमेश, जिसे पहले ही कोर्ट ने भगोड़ा घोषित कर दिया था, की अग्रिम जमानत याचिका दिल्ली हाईकोर्ट में लगी थी।
सुनवाई के दौरान आरोपी रमेश के वकील ने कोर्ट को बताया, कोर्ट में उपस्थित नॉर्थ एवेन्यू थाने के SI उनके मुवक्किल के रिश्तेदारों को ब्लैकमेल कर रहे हैं, अग्रिम जमानत दिलाने के लिए रिश्वत की मांग कर रहे हैं। आरोपों को सही साबित करने के लिए वकील ने कोर्ट को एसआई और अपने मुवक्किल की भाभी के बीच चैट के 11 स्क्रीनशॉट भी पेश किए। एसआई ने भी माना कि स्क्रीनशॉट के प्रिंटआउट में उनका फोन नंबर दिखाई दे रहा है।
सूत्र ने बताया, उन स्क्रीनशॉट के प्रिंटआउट में पेटीएम पर हुई ट्रांजैक्शन के स्क्रीनशॉट भी थे। एसआई ने जिस शख्स को ट्रांजैक्शन करने के लिए कहा था, उसी अकाउंट पर ट्रांजैक्शन की गई थी। सारे सबूत एसआई के खिलाफ जा रहे थे। इसके चलते कोर्ट ने उचित कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। पहले एसआई को सस्पेंड किया गया। इसके बाद उस पर केस भी दर्ज कर लिया गया है। बताया गया है कि 20 से 25 हजार रुपयों की मांग की गई थी। इसमें से कुछ रकम SI को दे दी गई थी।

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