गाजियाबाद पुलिस ने 20 घंटे में छुड़ाया बच्चा, मांगी थी 20 लाख की फिरौती

गाजियाबाद ब्यूरो। विजयनगर थाना क्षेत्र के बहरामपुर से मंगलवार शाम अपहृत हुए तीन साल के बच्चे को पुलिस ने 20 घंटे में सकुशल बरामद कर लिया और दो बदमाशों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। मुठभेड़ में एक बदमाश गोली लगने से घायल हुआ और एक पुलिसकर्मी को भी गोली लगी है। पुलिस ने आरोपितों के पास से चोरी की बाइक, तमंचा, कारतूस व घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन बरामद किया है। आरोपितों ने मंगलवार को बच्चे का अपहरण कर बुधवार दोपहर बच्चे के बिल्डर पिता को वाट्सएप काल से 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। इस काल के आधार पर पुलिस बदमाशों तक पहुंची।एसएसपी मुनिराज जी. व एसपी क्राइम डा. दीक्षा शर्मा ने पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि पकड़े गए बदमाश बहरामपुर का सन्नी व फिरोजाबाद का रामशरण है। उन्होंने बताया कि बहरामपुर गली नंबर चार के नितिन चौहान बिल्डर हैं। मंगलवार शाम करीब साढ़े पांच बजे उनका तीन साल का बेटा अथर्व उर्फ अरथु घर के बाहर खेल रहा था। इस दौरान वह लापता हो गया। स्वजन ने मामले की सूचना शाम सात बजे पुलिस को दी।

पुलिस ने मौके पर जाकर जांच की। सीसीटीवी कैमरे चेक किए गए तो उसमें एक व्यक्ति अथर्व को गोदी में ले जाता हुआ दिखाई दिया। इससे उसके अपहरण की पुष्टि हो गई। तत्काल ही विजयनगर पुलिस व क्राइम ब्रांच को जांच में लगाया गया। इस बीच बुधवार दोपहर करीब एक बजे आरोपितों ने वाट्सएप काल कर नितिन चौहान से 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी। पुलिस इस काल से बदमाशों तक पहुंची और दोपहर ढाई बजे पुलिस की हिंडन पुस्ता के पास बदमाशों से मुठभेड़ हो गई।
इसमें सन्नी पुलिस की गोली लगने और हेडकांस्टेबल देवप्रताप बदमाशों की गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस ने अथर्व को सकुशल बरामद कर दोनों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला है कि सन्नी मूलरूप से मैनपुरी का है और पिछले छह साल से वह बहरामपुर में किराये पर रहकर मजदूरी करता है, जबकि रामशरण फिरोजाबाद का है और नोएडा के सेक्टर 62 स्थित वजीदपुर गांव में किराये पर रहकर लेबर चौक पर मजदूरी करता है। फिलहाल आरोपितों का कोई आपराधिक इतिहास पुलिस को नहीं मिला है। इस संबंध में पुलिस जांच कर रही है। एसपी देहात डा. ईरज राजा ने बताया कि मंगलवार शाम बच्चे को घर के बाहर खेलता हुआ देखकर सन्नी उसे गोद में उठाकर पैदल ले गया। आटो से वह लालकुआं पहुंचा, यहां उसे रामशरण मिला। उसने रामशरण को बच्चा दिया और रामशरण बस के द्वारा बच्चे को एटा ले गया। वह बच्चे को रात भर एटा में लेकर घूमा और वह बच्चे को बुधवार दोपहर वापस गाजियाबाद लेकर आ गया।यहां वह सन्नी से मिला और दोनों बच्चे को बाइक से लेकर हिंडन पुस्ता पहुंचे। यहां उन्होंने बच्चे के पिता को काल की और बच्चे को सकुशल छोड़ने के नाम पर 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी। आरोपितों ने कहा कि बच्चे की सलामती चाहते हो तो 20 लाख रुपये लेकर हिंडन पुस्ता के पास प्लाट में आ जाओ।




