हिमाचल प्रदेश में महिला ने कश्मीरी शॉल विक्रेताओं को धमकाया, ‘जय श्री राम’ बोलने को कहा
In Himachal Pradesh, a woman threatened Kashmiri shawl sellers, asked them to chant 'Jai Shri Ram'
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कांगड़ा/हिमाचल प्रदेश। कांगड़ा में एक महिला ने कश्मीरी शॉल विक्रेताओं को धमकाया और ‘जय श्री राम’ बोलने के लिए कहा। महिला का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने इस महिला के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज किया था। यह घटना 23 नवंबर को हुई थी। आरोपी महिला एक बीडीसी सदस्य है। इस घटना का वीडियो वायरल होने पर महिला ने माफी मांगी है।
कांगड़ा की रहने वाली सुषमा देवी नामक एक बीडीसी सदस्य का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इस वीडियो में वह दो कश्मीरी शॉल विक्रेताओं, अली मोहम्मद मीर (55) और उनके बेटे फिरदौस अहमद मीर (20) को धमका रही थी। वह उनसे ‘जय श्री राम’ बोलने के लिए कह रही थी और गांव में न आने की चेतावनी दे रही थी। कांगड़ा पुलिस ने सुषमा देवी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 299 के तहत मामला दर्ज किया है। यह धारा धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने से संबंधित है।
सुषमा देवी ने बाद में एक वीडियो जारी कर माफ़ी मांगी। उन्होंने कहा कि मैं अपनी गलती मानती हूं और अगर मैंने जानबूझकर या अनजाने में कुछ गलत कहा तो माफ़ी मांगती हूं। मैंने उनसे अपने घर न आने के लिए कहा था क्योंकि यहां कुछ महिलाएं अकेली रहती हैं और अजनबियों से डरती हैं।
शॉल विक्रेता अली मोहम्मद मीर और उनके बेटे फिरदौस अहमद मीर कश्मीर के कुपवाड़ा से हैं। वे लगभग तीन दशकों से हिमाचल प्रदेश में कपड़े बेचने आ रहे हैं। अली मोहम्मद मीर ने बताया कि उन्होंने कभी नहीं चाहा था कि यह मामला इतना बढ़े। उन्होंने कहा कि मैंने महिला से विनती की थी कि वह वीडियो अपलोड न करे क्योंकि कश्मीर में मेरा परिवार चिंतित हो जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि कश्मीर में सर्दियाँ बहुत कठोर होती हैं इसलिए वे लुधियाना से कपड़े खरीदकर हिमाचल प्रदेश में बेचते हैं। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब किसी ने मुझे ‘हमारे धर्म का यह बोलो’ कहने के लिए मजबूर किया।
फिरदौस ने कहा कि सुषमा देवी जिन्हें उन्होंने ‘दीदी’ कहा, ने अपनी टिप्पणी के लिए माफ़ी मांग ली है। उन्होंने कहा कि हम इस मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहते। फिरदौस पिछले पाँच सालों से अपने पिता के साथ हिमाचल प्रदेश आ रहे हैं। उन्होंने भी कहा कि यह पहली बार हुआ है जब उन्हें ऐसी घटना का सामना करना पड़ा। सुषमा देवी ने दावा किया कि पिछले एक बुरे अनुभव के कारण उन्होंने व्यापारियों से इस तरह बात की। उन्होंने कहा कि पिछले साल, दो फेरीवाले मेरे घर में घुस आए थे जब मैं अकेली थी। मैं डर गई थी। उस अनुभव के कारण मैंने कठोर भाषा का इस्तेमाल किया। मैंने आज व्यापारियों से माफ़ी मांग ली है। बता दें कि सुषमा देवी के पति बिजली विभाग से सेवानिवृत्त हैं।
वहीं इस मामले पर गांव की सरपंच पिंता देवी ने कहा कि हम अपने बीडीसी सदस्य के कृत्य की निंदा करते हैं। कश्मीरी लोग सालों से यहाँ गर्म कपड़े बेचने आ रहे हैं। कोई व्यक्ति उन्हें धार्मिक नारे लगाने के लिए कैसे मजबूर कर सकता है? वहीं कांगड़ा के उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि वे इस घटना को बहुत गंभीरता से ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह एक निर्वाचित प्रतिनिधि हैं और प्रशासन उनके खिलाफ कार्रवाई करेगा।




