दिल्ली पुलिस ने गैंगस्टर हिमांशु भाऊ से जुड़े दो शूटरों को महाराष्ट्र से दबोचा
Delhi Police arrested two shooters associated with gangster Himanshu Bhau from Maharashtra

राजीव कुमार गौड़/दिल्ली ब्यूरो। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम ने नारायणा कार शोरूम पर हुई सनसनीखेज फायरिंग के मामले में दो और शूटरों को गिरफ्तार किया है। यह दोनों शूटर गैंगस्टर हिमांशु भाऊ से जुड़े हुए हैं, जो विदेश में बैठकर दिल्ली में बिजनेसमैन को थ्रेट देकर रंगदारी मंगवाते हैं। गिरफ्तार किए गए शूटरों की पहचान आकाश उर्फ भोली और सुमित उर्फ काला के रूप में हुई है। इन दोनों को महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया गया है।
डीसीपी प्रणव तायल ने बताया कि 27 सितंबर को नारायणा इलाके में जो शोरूम पर फायरिंग हुई थी। जिसमें 15 राउंड गोलियां चली थी और 5 करोड़ की रंगदारी गैंगस्टर हिमांशु भाऊ गैंग की ओर से मांगी गई थी। उस मामले में नारायण थाना में एफआईआरभी दर्ज हुई थी। एसीपी संजय दत्त की देखरेख में इंस्पेक्टर संदीप डबास की टीम ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से इन दोनों वांटेड बदमाशों के बारे में सीसीटीवी फुटेज और टेक्निकल सेमिनार की मदद से पता लगाना शुरू किया था।
आखिरकार इनकी पहचान आकाश उर्फ भोली और सुमित उर्फ काला के रूप में की गई। दीपक नाम का बदमाश इन लोगों को हथियार और अन्य सामान उपलब्ध कराता था। लगातार पुलिस की टीम इनके लोकेशन को ट्रैक कर रही थी और यह लोग पुलिस से बचने के लिए अपना ठिकाना बदल रहे थे। इसी दौरान स्पेशल सेल की दूसरी टीम ने अरमान खान को शूटआउट के दौरान गिरफ्तार किया। जबकि दीपक को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया। बाकी यह दोनों शूटर महाराष्ट्र भाग गए थे। पुलिस टीम ने इसका पता लगाने के लिए दिल्ली के अलावा हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र तक पहुंच गई और पुलिस टीम कोल्हापुर में पहुंची और मिर्जा जंक्शन सांगली महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया।
शूटरों ने पुलिस को बताया कि उन्हें आर्डर मिला था, कार स्ट्रीट शोरूम के ऑनर से रंगदारी मांगने के लिए उसी के लिए फायरिंग की थी। फायरिंग के बाद अरमान और दीपक अलग-अलग जगह पर चले गए थे। जबकि सुमित उर्फ काला और आकाश उर्फ भोली बस से जयपुर चले गए। जयपुर से वह हिसार गए और वहां से फिर अमृतसर ट्रेन से चले गए। लगातार यह अपना ठिकाना कभी हिसार कभी रोहतक तो कभी सोनीपत की तरफ बदल रहे थे। 1 अक्टूबर को यह लोग हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पहुंचे और यहां से ट्रेन लेकर मध्य प्रदेश चले गए। वहां से फिर पुणे गए और वहां से सभी कोल्हापुर पहुंच गए।




