शाहजहांपुर में 500 साल पुराने मंदिर की दीवार में मिलीं मटकियां, अभिशाप के डर से मजदूर भागे

शाहजहांपुर/उत्तर प्रदेश। शाहजहांपुर में तहसील तिलहर के हरनौखा ग्राम में मंदिर का मरम्मत कार्य चल रहा था। इसी दौरान मजदूरों को मंदिर की दीवार के अंदर से दो मटकी मिली हैं। अभिशाप के डर से मजदूर और ग्रामवासी मटकी खोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। मटकी मिलने की खबर गांव में फैलने के बाद पुलिस पहुंची और दोनों मटकियों को कब्जे में ले लिया है। चर्चा है कि मटकी के अंदर सोने-चांदी और धातु के सिक्के भरे हुए हैं। फिलहाल मंदिर में दो मटकी मिलने से लोगों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है।
बताया जा रहा है कि तिलहर थाना क्षेत्र के हरनौखा गांव में देवी माता के मंदिर का मरम्मत कार्य चल रहा था। मंदिर लगभग 400 साल पुराना बताया जा रहा है। ग्रामवासियों के अनुसार, मंदिर की दीवार चटक गई और जब पुरानी दीवार को तोड़ना शुरू किया तो उसके अंदर से मजदूरों को दो मटकी मिली। जिसके ऊपर मिट्टी का ढक्कन चिपका हुआ था। देवी माता का शाप न लग जाए इसके डर से मजदूरों ने मटकी का ढक्कन नहीं खोला। इसके बाद पूरे गांव में मंदिर के अंदर से मटकी मिलने की चर्चा फैल गई। बड़ी संख्या में लोग मंदिर पहुंचे। इसी बीच किसी ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी। मौके पर पहुंचे पुलिस ने दोनों मटकियों को अपने कब्जे में ले लिया है।
लोगों ने शुरू की पूजा -अर्चना
पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही यह पता चल पाएगा कि मटकी के अंदर क्या है। इतिहासकार विकास खुराना ने बताया की मंदिर 400 से 500 साल पुराना है। उसके साथ पुराने बुजुर्गों का भी यह कहना है कि यह मंदिर उनके पूर्वजों से भी पुराना है। हरनौखा ग्राम में भी फिलहाल 400 साल पुराने मंदिर के प्रति लोगों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है और पूजा अर्चना शुरू कर दी गई है।



