निगम पार्षद वीर सिंह पंवार से डीडीए सदस्य के रूप में आईएनए कार्यालय में संभाला पदभार
दिल्ली नगर निगम मे डीडीए सम्बंधित रुके हुए कार्यों को मिलेगी गति

राजीव कुमार गौड़/दिल्ली ब्यूरो। दिल्ली नगर निगम के लगभग 250 निगम पार्षद और 10 एल्डरमैन में से भारतीय जनता पार्टी ने दिलशाद गार्डन वार्ड के निगम पार्षद वीर सिंह पंवार को डीडीए के सदस्य के तौर पर नियुक्त किया है। आज आईने में पहुँचकर निगम पार्षद वीर सिंह पंवार ने पदभार सँभाला।
वीर सिंह पंवार ने कहा कि मैं अपने राष्ट्रीय नेतृत्व का दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष का बहुत बहुत धन्यवाद और आभार प्रकटकरता हूँ, जिन्होंने मुझे इस काबिल समझा की।अर्बन मिस्टर भारत सरकार ने मुझे यहाँ भेजा और एमसीडी से रिलेटेड जो भी समस्याएं होंगी यहाँ बैठ करके उनको अधिकारियों से वो काम कराना मेरी जिम्मेदारी है। मैं एक छोटा सा पार्षद था, लेकिन मेरे नेताओं ने मेरे पर अपना अनुग्रह के लिए कृपा की। डीडीए एक बहुत बड़ा संगठन है। पूरी दिल्ली में जो देखता है आवास् डीडीए का है ,और वहाँ पर एमसीडी से रिलेटेड बहुत सारी समस्याएं हैं।क्योंकि डीडीए ने एमसीडी को जो लीडस् दे रखी है और बहुत सारी ऐसी परेशानियां हैं की जो बार बार प्रयास के बावजूद भी ठीक नहीं होती है तो निश्चित तौर पर अधिकारियों से मिलकर और उसको सुगम बनाना मेरा काम रहेगा। जनता का आभार प्रकट करता हूँ कि मुझे दूसरी बार चुनकर के भेजा और नीचे तौर पर मैं कहीं पर भी कोई काम हो, किसी का भी कोई काम हो तो उसमें प्रयासरत रहता हूँ जितना मेरे से संभव का काम करता हूँ, कुछ सफल भी हो जाता है।लेकिन मेरी जनता मेरे साथ में हैं, उनसे मैं आग्रह करूँगा। मेरा टेलीफोन नंबर 7290014835 सबके पास है नहीं है तो आप नोट कर लीजिए। डीडीए से कोई रिलेटेड संबंधित है या वैसे भी कोई परेशानी है तो मैं आपके बीच में हूँ, आपके साथ हूँ।
वीर सिंह पवार ने विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा फैलाई जा रही अफवाहों को पूर्णत: गलत और भ्रामक करार दिया है। पवार ने कहा कि कुछ राजनैतिक वर्ग अपने स्वार्थ के लिए लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि डीडीए किसी भी अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई केवल कोर्ट के आदेश या निर्धारित नियमों के तहत ही करता है। उन्होंने कहा कि डीडीए अथवा निगम की कोई भी कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप ही होती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर प्रसारित भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें और किसी भी संदेह की स्थिति में संबंधित विभाग से आधिकारिक जानकारी प्राप्त करें।




