हाई टाइड, उठी ऊंची लहरें और फिर समुद्र ने वापस लौटाया मुंबईवालों का फैलाया कचरा

मुंबई/एजेंसी। आजकल प्लास्टिक का यूज बहुत बड़ गया है। लोग प्लास्टिक की बोतल खरीदकर पानी पीते हैं और उसे यहां-वहां फेंक देते हैं। पैक चीजें खरीदकर खाते हैं और प्लास्टिक पैकेट फेंक देते हैं। पहाड़ों से लेकर मैदानों तक, नदियों से लेकर समुद्र तक, लोगों का यूज किया हुआ कचरा प्रकृति को नुकसान पहुंचा रहा है। कई बार प्राकृतिक आपदाओं में ऐसे वीडियो सामने आते हैं, जब मनुष्यों का फैलाया गया प्लास्टिक कचरा नजर आता है तो हिला देने वाला होता है। ऐसा ही एक वीडियो अब मुंबई का सामने आया है। मुंबई में लगातार मूसलाधार बारिश हुई। समुद्र में हाई टाइड आया। ऊंची लहरें समुद्र के किनारे आईं और अपने साथ किनारे पर टनों प्लास्टिक कचरा छोड़ गईं। यह वीडियो है मुंबई में कफ परेड में प्रकाश पेठे मार्ग का। इसे लेकर अब लोग कह रहे हैं कि इंसान का फैलाया गया सारा कचरा समुद्र ने लौटा दिया है। वीडियो वाकई आत्मचिंतन वाला है।
वीडियो में दिख रहा है कि समुद्र के किनारे रोड तक टनों मलबा जमा है। इस मलबे में सिर्फ कचरा दिख रहा है। सबसे ज्यादा प्लास्टिक वेस्ट है। प्लास्टिक बैग, प्लास्टिक की बोतलें और प्लास्टिक के टूटे सामान। इस मलबे को रोड से हटाया जा रहा है।
सोशल मीडिया में लोग इस वीडियो को खूब पोस्ट, शेयर और रीपोस्ट कर रहे हैं। कई यूजर इसे लेकर गंभीर चिंता व्यक्त कर रहे हैं तो कई मजे ले रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, कभी समुद्र मंथन में अमृत निकला था, अब कचरा निकलता है। वहीं दूसरे यूजर ने लिखा कि हमें चिंतन करने की आवश्यकता है। अगर अभी नहीं चेते तो प्रकृति के सब्र का बांध टूटेगा।
हालांकि यह पहली बार नहीं है। मॉनसून के दौरान समुद्र तट पर भारी मात्रा में कचरा जमा हो जाता है। जुहू और वर्सोवा समुद्र तटों पर भी बरसात के मौसम में बहुत सारा कचरा किनारे जमा हो जाता है, जिससे समुद्र तट प्रदूषित होता है और पर्यावरण को नुकसान होने का खतरा रहता है। बीएमसी ने इस कचरे को उठाने के लिए इस साल 130 करोड़ का टेंडर भी निकाला था।
वर्तमान में, दुनिया भर में 10 प्रतिशत से भी कम प्लास्टिक का पुनर्चक्रण किया जाता है। 2060 तक प्लास्टिक उत्पादन तीन गुना होने की भविष्यवाणी की गई है। यह बड़ी आर्थिक, सामाजिक, पर्यावरणीय और तकनीकी चुनौतियों से भरा है।

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