गैस सिलेंडर को लेकर श्रावस्ती में मारामारी, महिला बेहोश हुई, भीड़ बेकाबू

श्रावस्ती/उत्तर प्रदेश। श्रावस्ती जिले में रसोई गैस को लेकर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। गैस सिलेंडर लेने के लिए लोगों की लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें गैस लेने के लिए एजेंसियों के कई चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद भी सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। सुबह से ही महिलाएं और पुरुष गैस एजेंसियों के बाहर लाइन लगाकर खड़े हो जाते हैं।
लाइन में लगी रोजेदार महिला बेहोश
बुधवार को गैस लेने के लिए लाइन में खड़ी एक रोज़ेदार महिला अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी। बताया जा रहा है कि तेज धूप और कई घंटों तक लाइन में खड़े रहने के कारण उसकी तबीयत बिगड़ गई। मौके पर मौजूद लोगों ने महिला को संभाला और पानी पिलाकर उसे होश में लाने की कोशिश की। घटना के बाद एजेंसी के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
गैस को लेकर झड़प, दो महिलाएं घायल
इसी दौरान लाइन में लगे लोगों के बीच गैस लेने को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते बहस झड़प में बदल गई और धक्का-मुक्की होने लगी। इस झड़प में दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि गैस एजेंसियों पर पिछले कई दिनों से सिलेंडर की भारी कमी बनी हुई है। कई उपभोक्ता सुबह से शाम तक लाइन में खड़े रहते हैं, लेकिन अंत में उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है। लोगों का कहना है कि गैस वितरण की व्यवस्था ठीक नहीं होने के कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन ने किल्लत से किया इनकार
वहीं, जिला प्रशासन का कहना है कि जिले में गैस की कोई किल्लत नहीं है। प्रशासन के अनुसार, जिन उपभोक्ताओं के मोबाइल पर ओटीपी आता है, उन्हें एजेंसी पर जाकर गैस सिलेंडर मिल जाता है। अधिकारियों का दावा है कि गैस की आपूर्ति नियमित रूप से की जा रही है। जिलाधिकारी अश्वनी कुमार पांडेय ने बताया कि जिले में लगभग 2 लाख 35 हजार सामान्य कनेक्शन हैं। इनमें 1 लाख 50 हजार उज्ज्वला योजना के हैं। उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को 25 दिन के अंतराल पर और सामान्य उपभोक्ताओं को 30 दिन के अंतराल पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। डीएम ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और अनावश्यक भीड़ न लगाने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।




