आईआईटी बॉम्बे छात्र मौत मामले में भूख हड़ताल शुरू करने कैंपस जा रहे पिता को मुंबई पुलिस ने हिरासत में लिया
मुंबई पुलिस ने गुरुवार को रवींद्र वाकोडे को भांडुप में हिरासत में ले लिया। वे अपने बेटे और सेकंड ईयर के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद भूख हड़ताल शुरू करने के लिए आईआईटी बॉम्बे के पवई कैंपस जा रहे थे।

मुंबई,एजेंसी। आईआईटी बॉम्बे के द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में गुरुवार को नया घटनाक्रम सामने आया। मुंबई पुलिस ने साहिल के पिता रवींद्र वाकोडे को भांडुप में हिरासत में लिया। बताया गया कि वह अपने बेटे की मौत के बाद आईआईटी बॉम्बे के पवई परिसर में भूख हड़ताल शुरू करने के लिए जा रहे थे। रवींद्र वाकोडे ने कहा कि वह अपने बेटे के लिए भूख हड़ताल करना चाहते थे। साहिल ने 18 सितंबर को आत्महत्या कर ली थी।
मुंबई क्राइम ब्रांच की प्रारंभिक जांच के अनुसार, 18 सितंबर को परीक्षा के दौरान दोपहर करीब 12:30 से 12:45 बजे के बीच परीक्षा हॉल के सीसीटीवी फुटेज में साहिल की गतिविधियां दर्ज हुईं। पुलिस के मुताबिक, परीक्षा समाप्त होने में लगभग 15 मिनट शेष थे, तभी साहिल अपनी जेब में रखी किसी वस्तु को देखने के लिए झुका। इसके बाद एक प्रोफेसर ने उससे पूछताछ की और उसे अन्य छात्रों से अलग ले गए।
क्राइम ब्रांच के अनुसार, परीक्षा हॉल से निकलने के बाद साहिल कुछ समय तक परिसर में घूमता रहा और करीब 1:25 बजे अपने छात्रावास के कमरे में पहुंचा। इसके बाद वह कमरे से बाहर नहीं निकला। मामले की जांच क्राइम ब्रांच के डिटेक्शन-1 के उपायुक्त की निगरानी में सहायक पुलिस आयुक्त कर रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने से पहले किसी तरह का अनुमान लगाने या जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने से बचें।
साहिल की मौत से जुड़े घटनाक्रम की जांच के लिए आईआईटी बॉम्बे ने 10 सदस्यीय समिति गठित की है। जांच पूरी होने तक प्रोफेसर डूला को उनकी प्रशासनिक जिम्मेदारियों से मुक्त कर अवकाश पर भेजा गया है। वहीं, संस्थान के कुछ वर्तमान और पूर्व सहयोगियों ने डूला का समर्थन करते हुए उनकी डीन की जिम्मेदारी निलंबित किए जाने पर आपत्ति जताई है।
आईआईटी बॉम्बे के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के पूर्व अध्यक्ष शरद कुमार सराफ ने डूला का समर्थन करते हुए कहा कि वह उन्हें लंबे समय से जानते हैं और अपने कार्यकाल के दौरान उन्हें छात्र मामलों के डीन के रूप में काम करते देखा है। सराफ ने डूला के खिलाफ जाति आधारित भेदभाव के आरोपों से जुड़े किसी सबूत से इनकार किया। उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा के दौरान जाति का मुद्दा उठने की जानकारी उन्हें नहीं है और यह विषय साहिल की मौत के बाद उसके परिवार की ओर से उठाया गया।
ऊर्जा विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग के बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल की मौत के बाद उसके परिवार ने उत्पीड़न और जाति आधारित भेदभाव के आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस और संस्थान की समितियां फिलहाल मामले से जुड़े घटनाक्रम और परीक्षा के दौरान हुई परिस्थितियों की जांच कर रही हैं।




