मेरठ कांड का असर: काशी टोल प्लाजा पर सेना के जवानों को कर्मचारियों ने किया सैल्यूट, दे रहे ‘फुल इज्जत’
काशी टोल पर सम्मान के साथ निकाले जा रहे सेना के वाहन

मेरठ/उत्तर प्रदेश। सरूरपुर के भूनी टोल प्लाजा पर सेना के जवान कपिल के साथ मारपीट और उसके बाद हुई पुलिस कार्रवाई का असर अब मेरठ के अन्य टोल प्लाजाओं पर साफ दिखाई देने लगा है। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने संबंधित टोल कंपनी पर कार्रवाई की है। इसके बाद अन्य टोल प्लाजा संचालकों ने भी सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है।
बुधवार को मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे स्थित काशी टोल प्लाजा पर सेना के सम्मान का अनोखा नज़ारा देखने को मिला। यहां से गुजरने वाले हर सैन्य वाहन को टोलकर्मियों ने सैल्यूट करके उनका सम्मान किया। सेना के जवानों के प्रति सम्मान जताने की इस पहल ने यात्रियों का भी ध्यान आकर्षित किया।
काशी टोल प्लाजा का संचालन कर रही कंपनी क्यूब हाईवेज के टोल अधिकारी अनिल शर्मा और सीनियर मैनेजर भूपेश त्यागी ने बताया कि टोल प्लाजा पर भविष्य में इस तरह की कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए सभी कर्मचारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। उन्हें साफ तौर पर कहा गया है कि किसी भी वाहन चालक से बुरा व्यवहार न किया जाए और सभ्यता बनाए रखी जाए।
अनिल शर्मा ने मीडिया से हुई बातचीत में बताया कि सेना देश की सुरक्षा में अपनी अहम भूमिका निभाती है और ऐसे में उन्हें हर जगह सम्मान मिलना चाहिए। काशी टोल प्लाजा पर सेना के वाहनों को बिना किसी विवाद और असुविधा के निकालने की जिम्मेदारी अब सख्ती से सुनिश्चित की जाएगी।उल्लेखनीय है कि भूनी टोल प्लाजा पर हुई घटना ने न केवल मेरठ बल्कि प्रदेशभर के टोल प्लाजा प्रबंधन को भी संवेदनशील बना दिया है। एनएचएआई की सख्त रुख अपनाने के बाद टोल संचालक अब हर छोटी-बड़ी स्थिति में सतर्क रहकर काम करने को मजबूर हैं। यात्रियों और विशेषकर सैन्य वाहनों के प्रति सही व्यवहार सुनिश्चित करना फिलहाल उनकी पहली प्राथमिकता बन गई है।




