मेंटेनेंस कर्मचारी ने बैंक लॉकर से डेढ़ करोड़ के जेवरात किए थे पार, सीसीटीवी फुटेज के सहारे पहुंची कानपुर पुलिस

कानपुर,(उत्तर प्रदेश)।  कानपुर से बैंक ऑफ बड़ौदा की किदवई नगर शाखा से लॉकर काट कर लगभग डेढ़ करोड़ के जेवरात चोरी हो गए थे। गुरुवार को पुलिस ने बैंक लॉकर से चोरी की घटना का खुलासा किया है। पुलिस ने गोदरेज कंपनी के कर्मचारी को अरेस्ट किया है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर ढाई किलो सोना और पांच किलो चांदी बरामद की है। वहीं, लॉकर धारक का कहना है कि पुलिस ने जो जेवरात बरामद किए हैं, उसमें से हीरे की आभूषण गायब हैं।

नौबस्ता थाना क्षेत्र स्थित बसंत विहार निवासी सूर्य कुमार अवस्थी आर्डिनेंस फैक्ट्री से रिटायर हैं। परिवार में पत्नी रामा, बेटी श्रद्धा, बेटे शशांक और बहू के साथ रहते हैं। शशांक नोएडा में एक प्राइवेट फैक्ट्री में इंजीनीयर हैं। रामा अवस्थी बैंक ऑफ बड़ौदा किदवई नगर शाखा में 40 साल पुरानी कस्टमर हैं, जिस बैंक लॉकर से जेवर चोरी हुए हैं, उसमें रामा, उनकी बहू, ननद और बेटी के जेवरात थे। रामा अवस्थी की लॉकर संख्या 70 में पूरे परिवार के जेवरात रखे थे।
पुलिस ने चोरी की घटना का खुलासा करने के लिए बैंक कर्मचारियों से पूछताछ की। बैंक प्रबंधन ने पुलिस को 18 महीने पुराने सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराए थे। सीसीटीवी फुटेज की पुलिस ने बारीकी से जांच शुरू की तो बैंक लॉकर को ठीक करने वाले कर्मचारी की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हुईं। पुलिस ने बैंक कर्मचारियों से लॉकर ठीक करने वाले कर्मचारी के संबंध में पूछताछ की थी। बैंक कर्मचारियों ने बताया कि कुछ महीने पहले गोदरेज कंपनी का एक कर्मचारी लॉकर को ठीक करने के लिए आया था, जिसका नाम रोहित शुक्ला था और रायपुरवा का रहने वाला था।

पुलिस ने रोहित शुक्ला को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने बताया कि जब भी मुझे लॉकर ठीक करने के लिए बुलाया जाता था। खराब लॉकर को ठीक करने के साथ ही अन्य लॉकरों में रखे जेवरात को बैग में रखकर चला जाता था। लॉकर कर्मचारी समझ कर कोई भी मुझ पर शक नहीं करता था। पुलिस के सामने आरोपी ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है। इसके साथ ही उसकी निशानदेही पर पुलिस ने उसके घर से बड़ी मात्रा में चोरी के आभूषण बरामद किए हैं।

पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि बैंक ऑफ बड़ौदा के साथ ही साथ अन्य बैंकों के भी लॉकर को ठीक करने का काम करता था। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि आरोपी ने अन्य बैंकों में भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम नहीं दिया होगा। गोदरेज कंपनी का कर्मचारी रोहित शुक्ला जिन बैंकों के लॉकर को ठीक करने के लिए जाता था, पुलिस उन बैंको से डिटेल मांगे हैं। आरोपी ने ज्वैलर्स समेत अन्य स्थानों में जेवरात बेंचने की भी बात कुबूल की है।

बैंक ऑफ बदौड़ा किदवई नगर शाखा में रामा अवस्थी लॉकर धारक थीं। रामा अवस्थी ने बीते 25 नवंबर 2017 को लॉकर में जेवरात सुरक्षित रखा था। इसके बाद 4 फरवरी 2020 को रामा अवस्थी बेटे शशांक के साथ घर के जेवरात रखने के लिए आई थीं। बीते 24 मार्च 2023 को आरबीआई की गाइड के अनुसार रामा अवस्थी के बेटी श्रद्धा भाई के साथ लॉकर चेक करने के लिए आई थी। लॉकर इंचार्ज के साथ स्ट्रांग रूम में पहुंचकर, जब श्रद्धा ने लॉकर में चाभी लगाई तो पूरी चाभी घूम रही थी। जब श्रद्धा ने लॉकर का दरवाजा खोला तो आसानी से खुल गया, लेकिन उसमें से जेवरात गायब थे।

रामा अवस्थी की बेटी श्रद्धा का कहना है कि पुलिस ने चोरी की घटना का खुलासा तो कर दिया है। पुलिस ने आरोपी को भी अरेस्ट कर लिया है, लेकिन बरामद किए गए जेवरात में हीरे के हार, अंगूठी, नाक की कील, कान के टप्स इत्यादी सामाग्री गायब है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक लॉकर ठीक करने वाला कर्मचारी बैंक के अंदर से इतने जेवर लेकर चला जाता है। बैंक कर्मचारियों को इसकी भनक तक नहीं लगती है। यह हैरान करने वाली बात है। लॉकर से चोरी की घटना में कहीं न कहीं बैंक कर्मचारियों भी शामिल हैं।

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