मेरठ में बीच सड़क पर रातों-रात बन गया मकान,जागृति विहार में जमीन विवाद पर हंगामा, पुलिस अलर्ट

मेरठ/उत्तर प्रदेश। मेरठ के जागृति विहार सेक्टर-6 में रविवार रात उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक ने कॉलोनी के बीचों-बीच बनी सड़क पर अचानक मकान का ढांचा खड़ा कर दिया। मामला सामने आते ही स्थानीय निवासियों ने निर्माण कार्य का विरोध शुरू कर दिया। इस कारण देखते ही देखते पूरे इलाके में तनाव फैल गया। सूचना मिलने पर पुलिस और आवास विकास के अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन रातभर चली बातचीत के बाद भी कोई हल नहीं निकल सका।
युवक की पहचान अरविंद सैनी के रूप में हुई है। उसका दावा है कि जिस जमीन पर वह निर्माण कर रहा है, वह लगभग 100 गज की उसकी पैतृक संपत्ति है। अरविंद के अनुसार, यह जमीन विवाद पिछले 40 सालों से कोर्ट में लंबित था और हाल ही में उसके पक्ष में फैसला आया है। कोर्ट से नाप-तौल कराए जाने का हवाला देते हुए अरविंद का कहना है कि वह अपनी वैध जमीन पर मकान तैयार कर रहा है और कोई भी विभाग उसे रोक नहीं सकता।
इधर, आवास विकास के अधिकारी युवक के दावों को खारिज कर रहे हैं। उनका कहना है कि जिस जगह निर्माण शुरू किया गया है, वहां कॉलोनी का एक रास्ता मौजूद है, और इस स्थान पर किसी भी प्रकार का निजी निर्माण पूरी तरह अवैध है। अधिकारियों के मुताबिक, न तो प्लॉट का नक्शा पास कराया गया है और न ही डेवलपमेंट चार्ज जमा किया गया है, जो नियमों के हिसाब से अनिवार्य है।
अधिशासी अभियंता सुरेश पाल ने स्पष्ट किया कि बिना किसी औपचारिक प्रक्रिया के निर्माण करना गैरकानूनी है। उन्होंने बताया कि युवक बार-बार रोकने के बावजूद काम बंद नहीं कर रहा था, जिसके चलते रात में कार्रवाई संभव नहीं हो पाई। अधिकारियों का यह भी कहना है कि कॉलोनी की नाप-तौल का अधिकार केवल आवास विकास विभाग के पास है और अरविंद द्वारा कोर्ट से कराई गई माप उनके रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं है।
घटना ने स्थानीय लोगों में भी भारी नाराजगी पैदा कर दी है। उनका कहना है कि जिस रास्ते का रोजाना सैकड़ों लोग इस्तेमाल करते हैं, उसे कोई व्यक्ति निजी दावा बताकर कैसे घेर सकता है। वहीं, कुछ लोग अरविंद के दावे का समर्थन भी कर रहे हैं और सवाल उठा रहे हैं कि यदि जमीन निजी थी, तो आवास विकास ने वहां सड़क कैसे बना दी।
तनाव बढ़ने के बाद पुलिस बल बढ़ाने की मांग की गई है। अधिकारियों ने सोमवार सुबह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी कर ली है। फिलहाल, इलाके में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है और दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर अड़े हुए हैं।

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