डेढ़ करोड़ की पुरानी करंसी के साथ सिपाही गिरफ्तार
गिरोह बैंक की मदद से खपाता था रुपये, गिरफ्तार सिपाही ड्यूटी से चल रहा गैरहाजिर

मुरादाबाद/उत्तर प्रदेश। मुरादाबाद के डिलारी थाना क्षेत्र से पुलिस ने डेढ़ करोड़ की पुरानी करंसी के साथ सिपाही विक्की गौतम को गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला कि वह दिसंबर 2024 से गैरहाजिर चल रहा था। सिपाही पुराने नोटों की तस्करी में गिरोह के लिए कैरियर का काम करता था। डिलारी थाना क्षेत्र में हाैंसपुरा की पुलिया के पास से डेढ़ करोड़ की पुरानी करंसी के साथ गिरफ्तार यूपी पुलिस के सिपाही अमरोहा निवासी विक्की गाैतम की सीतापुर में तैनाती है। एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि जांच करने पर पता चला कि सिपाही दिसंबर 2024 से गैरहाजिर चल रहा है। सिपाही के बारे में सीतापुर पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।
उसी आधार पर सिपाही के निलंबन की संस्तुति की जाएगी। एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार सिपाही गिरोह के लिए कैरियर के रूप में काम करता था, जिससे चेकिंग के दौरान बचा जा सके। वहीं गिरफ्तार आरोपियों में रामपुर निवासी मोहम्मद रियाज दिव्यांग है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वह कम रेट में नई करंसी से पुराने नोट बदल लेते हैं।
इस काम में फैसल का भी बराबर का हिस्सा रहता है। गिरफ्तार आरोपी नोटों को नई करंसी से बदलने के लिए नूरपुर जा रहे थे। एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि छह आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। कार भी पुलिस के कब्जे में है। एसपी क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि गिरोह के सभी सदस्यों के काम बंटे हुए थे। संभल के सैदनगली कस्बे का रहने वाला फैसल पुराने नोटों को इकट्ठा कर रामपुर निवासी रियाज और यासीन के पास पहुंचाता था। यहां से नोट सत्तार तक पहुंचाए जाते थे। बरामद नोट रामपुर के टांडा से नूरपुर भेजे जा रहे थे। आरोपी सत्तार बिजनौर जिले में गुहावर और नूरपुर के बीच पड़ने वाले मुर्गी फॉर्म पर रहता है।
यूसुफ उसी का सहयोगी है। दोनों पुराने नोटों के बदले 10 प्रतिशत नए नोट देते थे। डेढ़ करोड़ के बदले 15 लाख रुपये गिरोह को देने थे। गिरफ्तार और भागे हुए लोगों के अलावा तीन और नाम सामने आए हैं। जल्द ही उनके नाम भी मुकदमे में शामिल किए जाएंगे। पुलिस की पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि उनके बैंक अधिकारियों से गहरे रिश्ते हैं। बैंक अधिकारी कमीशन लेकर पुराने की जगह नए नोट देते हैं। एसपी क्राइम ने बताया कि इस मामले में संबंधित बैंक अधिकारियों से पूछताछ कर सत्यापन किया जाएगा। यह गिरोह काफी समय से काम कर रहा है, लेकिन पहली बार पुलिस की पकड़ में आया है।




