पाकिस्तान और चीन को खून के आंसू रुला रहा पिद्दी सा बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी
The tiny Balochistan Liberation Army is making Pakistan and China shed tears of blood

इस्लामाबाद/एजेंसी। पाकिस्तान के बलूचिस्तान में बलूच लिबरेशन आर्मी ने कहर बरपाया हुआ है। उन्होंने मंगलवार को बलूचिस्तान के बोलन जिले के पास जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को हाईजैक कर लिया। इस दौरान विद्रोहियों ने पाकिस्तानी सेना के 100 जवानों समेत सैकड़ों यात्रियों को बंधक बनाया हुआ है। इन बंधकों को छुड़ाने का प्रयास बुधवार को भी जारी रहा। क्वेटा से पेशावर जा रही ट्रेन पर कल दोपहर करीब 1 बजे पनीर और पेशी रेलवे स्टेशनों के बीच मुश्कफ के पास रेलवे सुरंग संख्या 8 के पास हमला हुआ। इस दौरान गोलीबारी में कई सुरक्षाकर्मी मारे भी गए। इसे पाकिस्तान के इतिहास में सबसे बड़ा ट्रेन अपहरण माना जा रहा है। ऐसे में जानें कि मुट्ठीभर लोगों का यह समूह कैसे पाकिस्तान को खून के आंसू रुला रहा है।
पाकिस्तान में लगातार हमले कर रहा बीएलए
पाकिस्तान सुरक्षा रिपोर्ट के अनुसार, कुल मिलाकर, BLA द्वारा आयोजित हमलों में 2024 में 225 मौतें हुईं। रिपोर्ट में कहा गया है कि विभिन्न गैरकानूनी बलूच विद्रोही समूहों, मुख्य रूप से BLA और बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) द्वारा किए गए हमलों में 119 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जो बलूचिस्तान में 171 घटनाओं के लिए जिम्मेदार है। 2024 में बीएलए ने दर्जनों हमलों को अंजाम दिया, जिसमें पाकिस्तानी सुरक्षाबलों के सैकड़ों जवान मारे गए। बीएलए के निशाने पर पाकिस्तानी सुरक्षाबल ही होते हैं। ऐसे में बीएलए के हमलों की टाइमलाइन देखें।
30 जनवरी, 2024: बीएलए ने प्रांतीय राजधानी क्वेटा से 70 किलोमीटर दूर बलूचिस्तान के माच शहर में रॉकेट और अत्याधुनिक हथियारों से तीन समन्वित हमले किए। पुलिस ने बताया कि पास के पहाड़ों से कम से कम 15 रॉकेट दागे गए जो माच के विभिन्न इलाकों में गिरे। विद्रोहियों ने केंद्रीय जेल के पास सुरक्षा बलों के कैंप पर भी हमला किया और शहर के रेलवे स्टेशन में घुस गए। पास के कोलपुर इलाकों में एक होटल और छह दुकानों को निशाना बनाया गया और आग लगा दी गई। इस दौरान हुई गोलीबारी में 24 विद्रोही मारे गए थे और चार सुरक्षाकर्मी और दो नागरिकों की भी मौत हुई थी।
20 मार्च, 2024: प्रतिबंधित बीएलए से जुड़े आठ विद्रोहियों के एक समूह ने ग्वादर पोर्ट अथॉरिटी कॉलोनी में जबरन घुसने की कोशिश की और गोलीबारी की। हमले में कई विस्फोट भी हुए। इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस के एक बयान के अनुसार, सेना के साथ गोलीबारी में सभी आठ विद्रोही मारे गए, जबकि दो सैनिकों की भी मौत हुई थी। जिस कॉलोनी में हमला हुआ, उसमें कई सरकारी और पाकिस्तानी अर्धसैनिक कार्यालय हैं। यह फैसिलिटी अरबों डॉलर के चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) का भी केंद्रबिंदु है।
26 मार्च, 2024: तुर्बत में विस्फोट और आतंकवादियों द्वारा की गई गोलीबारी से हड़कंप मच गया था। अधिकारियों के अनुसार, आतंकवादियों का लक्ष्य पीएनएस सिद्दीकी पर हमला करना था – जो पाकिस्तान के सबसे बड़े नौसैनिक हवाई अड्डों में से एक है। हालांकि, पाकिस्तानी नौसेना ने दावा किया था कि बीएलए के हमले को नाकाम कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि एफसी की एक स्पेशल ब्रांच और नौसेना के स्पेशल सर्विस ग्रुप के नेतृत्व में एक ऑपरेशन में तुर्बत हवाई अड्डे की सीमा के बाहर छह विद्रोही मारे गए।
13 अप्रैल, 2024: पंजाब के नौ यात्री बलूचिस्तान के नोशकी के पास मारे गए, जब बंदूकधारियों ने उन्हें बस से जबरन उतार दिया। उन्हीं हमलावरों ने एक अन्य कार में सवार दो लोगों की भी हत्या कर दी, जिसे उन्होंने जबरन रुकवाया। अधिकारियों के अनुसार, 10 से 12 हथियारबंद लोगों ने नाकाबंदी की थी, जिससे ताफ्तान जाने वाली बस रुक गई। इसके बाद उन्होंने यात्रियों के पहचान पत्र देखे, नौ लोगों को बाहर निकाला – सभी पूर्वी पंजाब के थे। हमले के बाद विद्रोही पहाड़ों की ओर भाग गए। पीड़ितों के शव बाद में पुलिस को क्वेटा-ताफ्तान राजमार्ग एन-40 से लगभग 5 किमी दूर एक पुल के नीचे मिले। बाद में हमले की जिम्मेदारी बीएलए ने ली।
10 मई, 2024: ग्वादर के पूर्व में तटीय शहर सरबंदन में पंजाब के सात मजदूरों की सोते समय हत्या कर दी गई। स्थानीय नाई की दुकान पर काम करने वाले पीड़ित एक किराए के आवासीय क्वार्टर में रह रहे थे, जब अज्ञात हमलावरों ने उस जगह पर घुसकर गोलीबारी शुरू कर दी। हत्या के बाद, बलूचिस्तान सरकार ने दो संदिग्धों की गिरफ्तारी की घोषणा की, आतंकवाद निरोधी विभाग ने कहा कि दोनों बीएलए से जुड़े थे।
23 जून, 2024: बीएलए से जुड़े हथियारबंद आतंकवादियों ने हरनाई जिले के जरघून इलाके में एक पिकनिक स्थल से कम से कम 14 लोगों का अपहरण कर लिया। पहचान की जांच के बाद पिकनिक मनाने वालों को भीड़ से अलग कर दिया गया। लेवीज फोर्स के कर्मियों के अनुसार, आतंकवादियों ने पास की पहाड़ियों पर पोजिशन ले ली थी। उन्होंने इलाके में चार लोगों को मुक्त कर दिया और बाद में अपना वाहन छोड़ दिया।
27 जून, 2024: बलूचिस्तान के कलात जिले में पाकिस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड (पीपीएल) के तेल और गैस अन्वेषण स्थल की सुरक्षा कर रहे फ्रंटियर कॉर्प्स (एफसी) चेक पोस्ट पर 50 से अधिक विद्रोहियों ने हमला किया, जिसमें दो सुरक्षाकर्मी मारे गए। अधिकारियों ने कहा कि बंदूकधारी पोस्ट पर तैनात सभी 20 सुरक्षाबलों के जवानों को बंधक बनाना चाहते थे, लेकिन अतिरिक्त सैनिकों को तुरंत साइट पर भेज दिया गया, जिससे उनका प्रयास विफल हो गया। उन्होंने कहा कि विद्रोहियों ने सबसे पहले कलात जिले के खलीकाबाद इलाके में एक एफसी कैंप पर हमला किया और रॉकेट दागे। बीएलए के प्रवक्ता ने हमले की जिम्मेदारी ली थी।




