रेप, सेक्सुअल हैरेसमेंट, एसिड अटैक, घरों में ही सेफ नहीं हैं महिलाएं

नई दिल्ली। लड़कियों और महिलाओं के खिलाफ अपराध की शिकायत के लिए दिल्ली महिला आयोग की हेल्पलाइन पर आई शिकायतों की रिपोर्ट दिल्ली महिला आयोग की चेयरपर्सन ने शनिवार को जारी की। स्वाति मालीवाल ने कहा, हम अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस को भेजेंगे, जो बताती है कि दिल्ली में कितना ज्यादा क्राइम हो रहा है। यह शर्म की बात है कि देश की राजधानी दिल्ली रेप कैपिटल और क्राइम कैपिटल के तौर पर जानी जा रही है। स्वाति ने कहा, मेरा केंद्र सरकार से अनुरोध है कि एक हाई लेवल कमेटी बैठाई जाएगी, इसकी मीटिंग को केंद्रीय गृह मंत्री हेड करें और इसमें एलजी, दिल्ली सीएम, पुलिस कमिश्नर और दिल्ली महिला आयोग को बुलाया जाए। 181 में हर साल करीब 1730 कॉल्स मिल रही हैं। स्वाति मालीवाल ने कहा कि रोज हमारे पास इतनी कॉल्स आ रही हैं, जो महिलाओं की चीख है कि उनके साथ गलत हो रहा है और सरकार चुप बैठी है। सरकारों को एक्शन लेने की जरूरत है, पुलिस की जवाबदेही तय करने की जरूरत है।

घरेलू हिंसा के 38342 केस, रेप-सेक्सुअल हैरेसमेंट 5895

घरेलू हिंसा के 38342 केस, रेप-सेक्सुअल हैरेसमेंट 5895

दिल्ली महिला आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, 181 हेल्पलाइन में पिछले एक साल में घरेलू हिंसा के 38342 कॉल आई हैं। रेप और सेक्सुअल हैरसमेंट के 5895 मामले और पॉक्सो के 3647 केस सामने आए हैं। अपहरण के 4229 केस और साइबर क्राइम के 3558 केस मिले हैं। हेल्पलाइन के जरिए गुमशुदा महिला और बच्चों के 1552 केस हैं और वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ अपराधों के 3144 मामले सामने आए हैं। बाकी मामले इलाज में लापरवाही, ट्रैफिकिंग, खुदकुशी, एसिड अटैक और धमकी, हत्या, बाल विवाह, सेक्स रैकेट, हमला, पुलिस का हैरेसमेंट वगैरह शामिल हैं। इनकी सालाना संख्या अलग-अलग 60 से लेकर 1200 तक है।

21-40 साल से 58232 केस

21-40 साल से 58232 केस

ज्यादातर 21 साल से लेकर 40 साल की महिलाओं ने हेल्पलाइन 181 में की है। यह संख्या 58232 है। स्वाति मालीवाल ने कहा, हमने देखा है कि मई, जुलाई और अगस्त में सबसे ज्यादा मामले मिले हैं। सोमवार, बुधवार, शुक्रवार को और दिन में 12 बजे से लेकर 5 बजे तक तो हेल्पलाइन लगातार बजती रहती है। नरेला (2976), भलस्वा डेयरी (1651) से सबसे ज्यादा शिकायतें आयोग की मिली हैं। रेप और सेक्सुअल हैरसमेंट के केस सबसे ज्यादा बुराड़ी और नरेला से मिले हैं, वहीं कल्याणपुरी से सबसे ज्यादा घरेलू हिंसा के मामले हैं। नरेला से सबसे ज्यादा पॉक्सो के मामले हैं।

181 के पीछे रहती है ग्राउंड टीम

181 के पीछे रहती है ग्राउंड टीम

स्वाति ने बताया, टोल फ्री हेल्पलाइन 181 सिर्फ कॉल सेंटर की तरह काम नहीं करती, बल्कि ग्राउंड टीम इसके पीछे रहती है। हेल्पलाइन के पीछे 24X7 काउंसलर्स शिफ्ट में काम करते हैं। हम कॉल पर तुरंत सुनवाई करते हुए काउंसलर लड़की तक पहुंचाते हैं। मसलन, अगर किसी लड़की की शिकायत पर पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है, तो हमारी टीम पुलिस स्टेशन जाती है या अगर मेडिकल नहीं हो रहा है तो हमारी टीम अस्पताल जाती है। हमने इस प्रोसेस के जरिए हमने कई हजार लड़कियों को सेक्स ट्रैफिकर्स के चंगुल से भी बचाया है।

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