चीन में बैठकर दिल्ली में चला रहा था ठगी का गिरोह,अच्छे मुनाफे के नाम पर लगाता था चूना क्राइम ब्रांच ने किया भंडाफोड़
फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों को लगाया चूना

नई दिल्ली। ऑनलाइन स्टॉक मार्केट स्कैम और डिजिटल अरेस्ट के जरिए ठगी करने वाले सिंडिकेट के तार चीन से जुड़े मिले हैं। यह रैकेट भरोसे का फायदा उठा कर, डर पैदा करके और मनोवैज्ञानिक चालाकी का इस्तेमाल करके लोगों से पैसे ट्रांसफर करवा रहा था।
क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने इस सिंडिकेट के पांच और मेंबरों को गिरफ्तार किया है। इनकी शिनाख्त मनस्वी डोचक, मनीष मेहरा, मनजीत सिंह, सोमबीर और अतुल शर्मा के तौर पर हुई है। इनसे मिले बैंक के दस्तावेजों से नैशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) में दर्ज 1167 कंप्लेंट लिंक मिली हैं।
डीसीपी (क्राइम) आदित्य गौतम के मुताबिक, एक चार्टर्ड अकाउंटेंट ने साउथ ईस्ट जिला साइबर थाने में 47 लाख 23 हजार 15 रुपये की ठगी होने की शिकायत दी। उन्होंने बताया कि एक टेलिग्राम ग्रुप के जरिए स्टॉक ट्रेडिंग स्कीम में फंसाया गया। ग्रुप में ‘आज खरीदो-कल बेचो’ और इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) रेटिंग के नाम पर रोज मुनाफे के झूठे वादे किए गए थे। फर्जी वेबसाइट https://stock.durocaspitall.com के जरिए दो महीने में 47,23,015 रुपये निवेश के नाम पर ट्रांसफर करवा लिए। एसीपी अनिल शर्मा की देखरेख में बनी इंस्पेक्टर संदीप सिंह और एसआई राकेश मलिक की टीम की जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने ठगी की रकम को घुमाने के लिए अलग-अलग प्राइवेट बैंकों में सात अकाउंट खोल रहे थे।
जांच में पता चला कि स्टॉक ट्रेडिंग के नाम पर यह ठगी नोएडा के एक ऑफिस से चल रही है। यहां काम करने वाले उत्तम नगर में रहने वाले अपने हैंडलर जैक को रिपोर्ट करते थे। यह चीन बेस्ड टॉम के निर्देश पर काम कर रहा था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि टॉम नाम के एक चीनी नागरिक ने उन्हें टेलिग्राम के जरिए दिसंबर 2024 में भर्ती किया था। उन्हें उपलब्ध कराए करंट बैंक अकाउंट के हर ट्रांजैक्शन पर 1 या 1.5% कमिशन दिया जाता था। इसलिए उन्होंने बुबाई इंस्टेंट शॉप प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी बनाई। नोएडा में एक ऑफिस किराए पर लिया और पैसे को रूट करने के लिए उसी नाम से सात बैंक अकाउंट खोले।




