वृंदावन में प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा फिर रुकी, रात भर सड़क किनारे बैठ इंतजार करते रह गए भक्‍त

स्‍थानीय निवासियों ने शोर-शराबे पर आपत्ति जताई

मथुरा/उत्तर प्रदेश। राधारानी के परम भक्त संत प्रेमानंद महाराज की लोकप्रियता किसी से छिपी नहीं है। उनके भक्त देश ही नहीं बल्कि विदेश में भी बड़ी संख्या में मौजूद हैं। हर दिन रात 2 बजे निकलने वाली उनकी रात्रि दर्शन पदयात्रा भक्तों के लिए आस्था और भक्ति का विशेष अवसर होती थी। पिछले दो दिनों से यह पदयात्रा अचानक रोक दी गई है। इस दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालु श्रीकृष्ण शरणम् सोसाइटी से लेकर श्री हित राधा केली कुंज आश्रम तक के रास्ते पर खड़े होकर उनके दर्शन करते थे। आम दिनों में यह संख्या करीब 20 हजार तक पहुंच जाती थी, जबकि वीकेंड और बड़े पर्वों पर यह संख्या लाख में बदल जाती थी।
शुक्रवार रात भी हजारों भक्त महाराज के दर्शन की उम्मीद में घंटों इंतजार करते रहे। किसी ने सड़क किनारे पन्नी बिछाकर रात गुजारी तो कोई खड़े होकर उनका इंतजार करता रहा। मगर सुबह तक महाराज बाहर नहीं आए थे। बाद में आश्रम के सेवादारों ने सूचना दी कि स्वास्थ्य कारणों से महाराज अब पदयात्रा पर नहीं निकलेंगे। इससे भक्तों को निराश होकर लौटना पड़ा। संत प्रेमानंद महाराज लंबे समय से किडनी की समस्या से जूझ रहे हैं। उन्हें करीब 20 साल से यह बीमारी है और डायलिसिस कराना पड़ता है। पहले हफ्ते में तीन बार डायलिसिस होता था, लेकिन अब समस्या बढ़ने के कारण सप्ताह में 4 से 5 बार डायलिसिस करना पड़ रहा है। इससे पहले भी स्‍वास्‍थ्‍य कारणों से यह पदयात्रा कई मौकों पर रोकी जा चुकी है।
आश्रम के संत नवल नागरी दास महाराज ने बताया कि जैसे ही स्वास्थ्य में सुधार होगा, महाराज फिर से रात्रि दर्शन पदयात्रा शुरू करेंगे। प्रेमानंद महाराज वृंदावन की श्रीकृष्ण शरणम् सोसाइटी में रहते हैं। उनके पास यहां दो फ्लैट हैं। एक फ्लैट में वह रहते हैं और दूसरे में डायलिसिस की व्यवस्था की गई है। यही कारण है कि उन्हें बार-बार अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ती है।
रात्रि पदयात्रा बंद होने के पीछे स्वास्थ्य कारणों के अलावा स्थानीय निवासियों की शिकायत भी सामने आई है। एनआरआई ग्रीन कॉलोनी के लोगों ने यात्रा के दौरान होने वाले शोर-शराबे पर आपत्ति जताई थी। भजन-कीर्तन की ऊंची आवाज, पटाखे और आतिशबाजी से कॉलोनी के लोगों की नींद प्रभावित होती थी, जिसका असर बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा था। फिलहाल भक्तजन महाराज के स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना कर रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि जल्द ही वह रात्रि पदयात्रा फिर से शुरू करेंगे। महाराज का एक-एक दर्शन भक्तों के लिए आस्था का केंद्र है और उनकी अनुपस्थिति श्रद्धालुओं को खल रही है।

 

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