शिमला में लेंसकार्ट के शोरूम में हंगामा, कर्मचारियों को कलावा-तिलक लगाया, हिंदू नेताओं पर केस दर्ज

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में लेंसकार्ट के स्टोर में घुसकर वहां के कर्मचारियों कलावा और तिलक लगाने के मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
शिमला/एजेंसी। लेंसकार्ट विवाद की आग हिमाचल की राजधानी शिमला में भी पहुंच चुकी है। हिंदू संगठनों के नेताओं ने बुधवार को शिमला स्थित लेंसकार्ट के स्टोर के बाहर जमकर नारेबाजी की थी। इसी के साथ स्टोर में घुसकर वहां मौजूद कर्मचारियों को कलावा और तिलक लगाया था। अब इस मामले में केस दर्ज किया गया है। शिमला पुलिस ने प्रदर्शन करने वाले इन हिंदू संगठन के नेताओं के खिलाफ केस दर्ज किया। शिमला के संजौली में इस मामले में धारा 299, 302, 333, 3(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस को दी शिकायत में कहा गया है कि देव भूमि संघर्ष समिति के पदाधिकारी मदन ठाकुर, कल्पना शर्मा और अन्य करीब 10 से 15 लोग धार्मिक अनुमाद के नारे लगाते हुए बिना किसी पूर्व अनुमति लेंसकार्ट के स्टोर में घुस गए। इन सभी ने वहां पर धार्मिक उन्माद फैलाया और विशेष धर्म के प्रति नारेबाजी करते रहे। वहीं प्रदर्शन करने वाले नेताओं ने आरोप लगाया कि कॉरपोरेट जगत में इस्लामिक जिहाद चल रहा है। यहां के हिंदू संगठन इस बात को स्वीकार नहीं करेंगे। इस देश का सनातन सोया नहीं हैं।
बता दें कि लेंसकार्ट के इन हाउस ड्रेस कोड को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर एक पुराना स्टाइल गाइड वायरल हुआ। इस दस्तावेज में हिजाब की अनुमति थी, लेकिन बिंदी, तिलक और टीका जैसे हिंदू धार्मिक प्रतीकों का जिक्र नहीं था। प्रदर्शन करने वाले नेताओं का कहना था कि कंपनी की पॉलिसी सनातन के खिलाफ है और यह बहुत बड़ी साजिश है। जितने भी कॉरपोरेट्स हैं, वह जिहाद को बढ़ावा दे रहे हैं। कंपनी के सीईओ पीयूष बंसल ने पैसों के लिए अपना इमान बेच दिया। क्या उनके मां सिंदूर नहीं लगाती थी क्या। यह कंपनी के कर्मचारियों के मौलिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने कहा कि सरकार कहां सोई और क्या सनातन को बंद करने का ठेका कंपनियों ने लिया है और सरकार को इन पर कार्रवाई करनी चाहिए।




