डीडीए पार्क में अवैध रूप से काटे गए 10 से ज्यादा पेड़, अधिकारी अनजान

पश्चिमी दिल्ली। 1100 पेड़ काटने के मामले में जहां एक तरफ दिल्ली सरकार सख्त हो गई है। इसकी जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। वहीं दूसरी तरफ हस्तसाल रोड स्थित दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के पार्क में 10 फुट से अधिक की लंबाई के काफी पेड़ों को पहले अवैध रूप से जलाया गया है और फिर उन्हें काटा गया है।
इतना ही नहीं काफी सारे पेड़ वहां पर मशीन या ब्लेड से कटे हुए भी पड़े हैं। इसके अलावा कुछ पेड़ ऐसे भी हैं जो आंधी या तेज हवा के कारण टूटकर गिर गए हैं। जानकारी के अनुसार रात के समय में इन पेड़ों को यहां से लोग उठा ले जाते हैं। वहीं डीडीए के अधिकारी इस बात से अनजान बने हुए हैं। हस्तसाल रोड स्थित वुडलैंड डीडीए पार्क 10 एकड़ से अधिक क्षेत्र में बना हुआ है। पार्क में छठ पूजा के लिए एक जगह निर्धारित की गई है, जहां पर हर साल पर्व मनाया जाता है। इस पार्क में सैंकड़ों की संख्या में 10 फुट से अधिक की लंबाई के पेड़ लगे हुए हैं।
मगर देखरेख के अभाव में अवैध तरीके से पहले तो जमीन पर पड़े सूखे पत्तों में आग लगाकर पेड़ों को नीचे से जलाया जाता है फिर जब वह काले पड़ जाते हैं तो उन्हें काट लिया जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन में चहल-पहल होती है पार्क में लेकिन रात में माहौल शांत होता है तो ऐसे में लोग कटे हुए पेड़ उठा ले जाते हैं। वहीं इस संबंध में डीडीए के अधिकारी से संपर्क किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
पार्क में फैली गंदगी और शौचालय भी पड़ा बंद
पार्क में जगह-जगह सूखे पत्तों का कचरा पड़ा है जिसकी वजह से वहां पर गंदगी फैली हुई है। इस पत्तों में ही लोग आग लगा देते हैं। पार्क में कुछ जगहों पर लोगों ने कचरे में आग भी लगा रखी थी। इतना ही नहीं पार्क में आने वाले लोगों के लिए महिला और पुरुष के लिए शौचालय भी बनाया गया है, लेकिन वह पिछले काफी महीनों से बंद पड़ा है। शौचालय के दरवाजे अंदर से बंद पड़े हैं। जिसकी देखरेख के लिए भी कोई नहीं है।ह पिछले काफी समय से बंद है। इसकी कोई साफ-सफाई भी नहीं होती है। इसलिए इसमें कोई जाता भी नहीं है।
हस्तसाल रोड पर बना यह डीडीए पार्क आसपास के इलाके के सबसे बड़े पार्कों में आता है। इसके आसपास की गलियों में हजारों की संख्या में लोग रहते हैं, क्योंकि यही पास में एलआइजी फ्लैट्स भी बने हुए हैं, मगर इस पार्क में परिवार के साथ आने में लोग बचते हैं। पार्क में युवा लड़के नशा करने के लिए आते हैं। अंधेरा होते ही लोग पार्कों में शराब का सेवन भी शुरू हो जाता है। स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि पहले रात के समय पार्क के बाहर पुलिस की पीसीआर खड़ी होती थी तो लोग नशा करने के लिए नहीं आते थे लेकिन पिछले काफी दिनों से वह भी नहीं आ रही है।

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