महिला की हत्या कर पुलिस को चकमा देने के लिए अपनाई गजब की तरकीब, पुलिस ने दो को दबोचा

गाजियाबाद। घरेलू सहायिक का काम करने वाली महिला की हत्या कर पुलिस को चकमा देने के लिए शिमला घूमने गए दो आरोपितों को सिहानी गेट पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे से महिला का मोबाइल, एक स्कूटी, एक बाइक भी बरामद की गई है। वारदात को उधार लिए तीन लाख रुपये वापस न करने पर अंजाम दिया गया था।
एसीपी नंदग्राम रवि कुमार सिंह ने बताया कि 27 फरवरी को लोहिया नगर में रहने वाली कमलेश की बेटी थाने पहुंची थी, उसने मां की गुमशुदगी की जानकारी दी। आसपास के थानों से जानकारी की गई तो पता चला कि 24 फरवरी को मधुबन- बापूधाम पुलिस ने मोरटा में एक महिला का शव बरामद किया था, शव की पहचान कमलेश के रूप में की गई।
इसके बाद महिला की बेटी की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया। कॉल डिटेल चेक करने पर पता चला की महिला की लाल क्वार्टर में रहने वाले निखिल शर्मा से फोन पर बात हुई थी, शक होने पर आरोपित की तलाश शुरू की गई और उसे गिरधरपुर में रहने वाले गोपाल के साथ पकड़ा गया। पूछताछ में निखिल ने बताया कि कमलेश उनके घर पर झाडू पोछा का काम करती थी, उसने तीन लाख रुपये उधार लिए थे।
दोस्त के साथ हत्या की रची साजिश
रुपये वापस करने के बजाय झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रही थी। जब रुपये मिलने की उम्मीद खत्म हो गई तो दोस्त गोपाल के साथ मिलकर कमलेश की हत्या की साजिश रची। 23 फरवरी की शाम आठ बजे प्लाट दिखाने के बहाने बाइक पर बैठाकर मोरटा ले गए। वहां पर शाल से कमलेश की गला घोटकर हत्या कर दी और शव को वहीं पर फेंक दिया।
इसके बाद दोनों शिमला निकल गए, वहां से 28 फरवरी को वापस लौटे तो पता चला कि पुलिस ने कमलेश का शव ढूंढ लिया है। इसके बाद शहर छोड़कर भागने की तैयारी कर रहे थे कि पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपितों में एक एलआइसी एजेंट और दूसरा बैक कर्मचारी है। उनकी निशानदेही पर मोरटा में नाले से महिला का मोबाइल बरामद और वारदात में इस्तेमाल बाइक भी बरामद की गई है।




