मजदूर बीमार तो ट्रकों का खर्च भी बढ़ा, हीट स्ट्रोक से कैसे बढ़ गई ट्रांसपोर्टर्स की परेशानी

नई दिल्ली। दिल्ली में भीषण गर्मी का सितम जारी है। इसकी चपेट में अब ट्रांसपोर्ट व्यापारी भी आ गए हैं। इससे दिल्ली में आने वाले सामानों का आवागमन प्रभावित हो गया है। व्यापारियों के मुताबिक, उन्हें ट्रकों की लोडिंग अनलोडिंग के लिए मजदूर तक नहीं मिल रहे हैं। इसकी वजह से दिल्ली में गाड़ियां दो से तीन दिन की देरी से पहुंच रही हैं। जिससे गाड़ियों का खर्च भी बढ़ गया है। वहीं, लू और भीषण गर्मी के चलते ज्यादातर ड्राइवर बीमार भी चल रहे हैं। दिल्ली में चावल, फल, सब्जियां, तेल, दवाएं, कपड़े समेत कई सामानों की सप्लाई बाहर के राज्यों से होती है।
औसतन रोजाना दिल्ली में 10 हजार ट्रक आते हैं, लेकिन इन दिनों ट्रकों की संख्या में भारी गिरावट आई है। इसकी वजह से ट्रांसपोर्ट का व्यापार करीब 60 प्रतिशत डाउन हो गया है। ऑल इंडिया मोर्ट्स असोसिएशन दिल्ली एनसीआर के चेयरमैन तरलोचन सिंह ढिल्लों ने बताया कि गर्मी की मार सबसे ज्यादा ट्रांसपोर्ट पर पड़ी है। ज्यादातर ड्राइवर बीमार हैं, जिसकी वजह से ट्रक खड़े हुए हैं। और उसका खर्च का लोड व्यापारियों पर पड़ रहा है।
ढिल्लों ने बताया कि स्थिति यह है कि पहले जिस ट्रक से माल लोड करके दिल्ली आने का खर्च 15 हजार रुपये था, उसका खर्च अब 20 हजार हो गया है। क्योंकि न तो मजदूर मिल रहे हैं और न ही ड्राइवर। पहले 24 घंटे में एक ट्रक करीब 700 किलोमीटर का सफर तय करता था, अब करीब 250 किलोमीटर का ही सफर तय हो पा रहा है। हाइवे पर ड्राइवरों के लिए कोई सुविधा नहीं मिल रही है। जिससे इस भीषण गर्मी में अधिकतर ड्राइवर बीमार हैं।
दरअसल, सरकार की ओर से कुछ महीने पहले यह घोषणा हुई थी कि हाइवे पर करीब एक हजार रेस्ट हाउस बनाए जाएंगे, लेकिन अब तक इसका कार्य जमीन पर नहीं दिख रहा है। ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट असोसिएशन के प्रेजिडेंट राजेंद्र कपूर ने बताया कि इस भीषण गर्मी में हाइवे पर चलने वाले ट्रक ड्राइवरों का न तो पानी की सुविधा मिलती थी और न ही खाने की कोई उचित व्यवस्था थी। जिससे ड्राइवरों को स्वास्थ्य खराब हो गया है। इस समस्या को देखते हुए सरकार से कई बार मांग की गई है कि हाइवे के किनारे ड्राइवरों के लिए कोई उचित व्यवस्था की जाए, ताकि ड्राइवर को पानी, खाना और टॉयलेट की सुविधा मिल सकें। सरकार ने इसकी रेस्ट हाउस बनाने की घोषणा भी की, लेकिन अब तक हाईवे पर इसका काम नहीं दिख रहा है, जिससे इस भीषण गर्मी में ड्राइवर पानी के लिए तरस रहे हैं।

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