सिस्टम की बदहाली की शिकार हुई 82 साल की अम्मा, मृत बताकर रोक दी पेंशन
रायबरेली में एक जिंदा बुजुर्ग महिला को मृत बताकर उसकी वृद्धा पेंशन बंद कर दी गई है। महिला की उम्र करीब 82 साल है और इनका नाम सरला देवी है। यह पूरा मामला रायबरेली के लालगंज कोतवाली क्षेत्र के उत्तरागौरी गांव है।

रायबरेली/उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले से एक चौंकान वाला केस सामने आया है। लालगंज क्षेत्र के उत्तरा गौरी गांव की 82 वर्षीय वृद्धा सरला सिंह को जीवित रहते हुए कागजों में उसे मृत घोषित कर दिया गया। इसके चलते उनकी वृद्धावस्था पेंशन अप्रैल 2025 से बंद कर दी गई। परिजनों का आरोप है कि ग्राम पंचायत सचिव ने जानबूझकर रिकॉर्ड में उन्हें मृत दिखाया ताकि पेंशन का दुरुपयोग किया जा सके। सरला सिंह लंबे समय से वृद्धावस्था पेंशन प्राप्त कर रही थीं। आधार और बैंक रिकॉर्ड जांचने पर पता चला कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के पोर्टल पर उन्हें मृत घोषित किया जा चुका है।
आरोप है कि पंचायत सचिव ने 82 वर्षीय सरला सिंह को रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया। इसके बाद अप्रैल महीने से उनके खाते में पेंशन आनी बंद हो गई। परिजनों के मुताबिक सरला सिंह जब हाल ही में बैंक पहुंचीं तो कर्मचारियों ने बताया कि उनके खाते में किसी भी महीने की पेंशन नहीं आई है। जांच करने पर पता चला कि अधिकारी उनकी मृत्यु दिखाकर पेंशन बंद कर चुके हैं।
सरला सिंह ने कहा कि मिलने वाली पेंशन से दवाइयों और दैनिक जरूरतों में काफी सहूलियत मिलती थी, लेकिन अब पेंशन बंद होने से परेशानी बढ़ गई है। परिवार का कहना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी के सीयूजी नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन नहीं लग सका।
स्थानीय प्रशासन से गुहार लगाई जा रही है कि सरला सिंह का स्टेटस तुरंत जीवित किया जाए और बंद हुई पेंशन की सभी बकाया किस्तें उनके खाते में डाली जाएं। परिवार का कहना है कि बुजुर्ग महिला की सेहत लगातार बिगड़ रही है और पेंशन बंद होने से आर्थिक संकट गहरा गया है। बीडीओ लालगंज गगनदीप सिंह ने संज्ञान लिया है। ग्राम विकास अधिकारी प्रखर तिवारी को लापरवाही बरतने पर प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की गई है। बीडीओ ने 82 वर्षीय वृद्धा सरला सिंह की वृद्धा पेंशन बहाल कराई जाने की कार्यवाही का जा रही है।




