शाहजहांपुर में फर्जी दारोगा गिरफ्तार, अच्छी शादी, शौक और दहेज के लालच में फर्जीवाड़ा

शाहजहांपुर/उत्तर प्रदेश। शाहजहांपुर जिले में पुलिस ने एक फर्जी दारोगा को गिरफ्तार किया है। अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) दिक्षा भवरे ने मंगलवार को बताया कि खुटार थाना क्षेत्र में सोमवार रात वाहनों के निरीक्षण के दौरान पुलिस ने एक कार में दारोगा का बैज लगी वर्दी टंगी देखी। उनके अनुसार, संदेह होने पर कार चला रहे गौरव शर्मा से पूछताछ की गयी, तो उसने बताया कि वह लखीमपुर खीरी में दारोगा के पद पर तैनात है। लखीमपुर खीरी पुलिस से इस बारे में पड़ताल किए जाने पर खुलासा हुआ कि गौरव शर्मा झूठ बोल रहा है।
एएसपी ने बताया कि इसके बाद गौरव शर्मा को हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ में गौरव ने बताया कि वह मथुरा का मूल निवासी है और खुटार में किराये पर रह रहा है। उसकी शादी नहीं हो रही थी। इसीलिए, उसने दारोगा की वर्दी बनवाई और उसे पहनकर लोगों को रौब दिखाने लगा ताकि लोग समझें कि वह सरकारी नौकरी में है। उसकी किसी अमीर परिवार में शादी हो जाए। दिक्षा भवरे ने बताया कि आरोपी ने यह भी बताया कि जब भी उसे जरूरत होती थी, वह वर्दी पहन लेता था। इससे उसके टोल टैक्स की भी बचत हो जाती थी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने आरोपी गौरव शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस को गौरव की कार से पुलिस की वर्दी, कैप और यूपी पुलिस का फर्जी आईडी कार्ड मिला है। गौरव ने पुलिस को यह भी बताया कि वर्दी पहनकर लोग उसे दरोगा मानते थे और वह रौब दिखाता था। उसे उम्मीद थी कि इस पहचान की वजह से उसकी शादी अच्छे घर में होगी और दहेज भी मिलेगा। सोमवार रात खुटार पुलिस ऑपरेशन तलाश के तहत पूरनपुर रोड ओवरब्रिज के पास वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक कार रोकी गई। कार की पिछली सीट पर पुलिस की वर्दी रखी थी और कैप बोनट पर थी।
कार चला रहे युवक ने खुद को सब-इंस्पेक्टर गौरव शर्मा बताया। उसके बोलने के तरीके और हाव-भाव ने पुलिस को शक में डाल दिया। पूछताछ गहराने पर वह सवालों के सही जवाब नहीं दे पाया और उसका झूठ वहीं पकड़ा गया।
गौरव शर्मा ने बताया कि वह मथुरा के थाना कृष्णानगर क्षेत्र के जनकपुरी का रहने वाला है। उसने स्नातक तक की पढ़ाई की है। उसके पिता राकेश शर्मा आगरा में सब-इंस्पेक्टर थे और अब गाजियाबाद के शालीमार गार्डन में तैनात हैं। लॉकडाउन के दौरान पिता का प्रमोशन देख कर उसके मन में वर्दी पहनने की चाह जग गई। इसी शौक में उसने दरोगा की वर्दी सिलवाई, नकली आईडी बनवाया और इसे पहनकर इलाके में घूमने लगा।
गौरव शाहजहांपुर के खुटार कस्बे में संजय त्रिपाठी के मकान में किराए पर रह रहा था। उसने मकान मालिक से कहा था कि उसकी पोस्टिंग एडीजी के आदेश पर सीधी हुई है। वह कभी खुद को पीलीभीत तो कभी लखीमपुर में तैनात बताता था। वह रोज वर्दी पहनकर ड्यूटी पर जाने का बहाना करके निकल जाया करता था। इलाके के लोग उसे देखकर असली पुलिस अधिकारी ही समझते थे।
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