दिल्ली पुलिस ने तीन अवैध बांग्लादेशियों को दबोचा, पूछताछ में हुए कई खुलासे

20 साल पहले अवैध रूप से भारत में घुसे बांग्लादेशी

  • थाना पहाड़गंज की टीम ने तीन बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया
  • फील्ड वेरिफिकेशन के दौरान अवैध प्रवासियों को गिरफ्तार किया गया
  • 21 बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान कर कार्रवाई की गई है

नई दिल्ली/एजेंसी। दिल्ली पुलिस को शनिवार को एक बड़ी सफलता हासिल हुई है। मध्य जिला के पहाड़गंज पुलिस थाने की टीम ने जाली भारतीय पासपोर्ट और आधार कार्ड के साथ भारत में रह रहे तीन बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया। बता दें कि आरोपियों को फील्ड वेरिफिकेशन और डेटाबेस के इस्तेमाल से जुड़ी एक प्रभावी दो-आयामी रणनीति के तहत गिरफ्तार किया गया। इस दौरान अवैध प्रवासियों के पास से 02 भारतीय पासपोर्ट, 02 बांग्लादेशी पासपोर्ट, 05 आधार कार्ड, 02 पैन कार्ड, 01 वोटर आईडी, 08 बैंकों की कई पासबुक और डेबिट कार्ड और शिक्षा बोर्ड, बांग्लादेश की एक मार्कशीट बरामद की गई।
एएनआई के हवाले डीसीपी सेंट्रल एम हर्षवर्धन ने कहा कि सेंट्रल जिले में चलाए जा रहे विशेष अभियान में अब तक भारत में अवैध रूप से रह रहे 21 बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। 18 के खिलाफ निर्वासन की कार्रवाई की गई है और 3 को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि इसमें दो एफआईआर भी दर्ज की गई हैं। सबसे हालिया एफआईआर धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में पहाड़गंज थाने में दर्ज की गई है। उसमें 2 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है और 1 नाबालिग को पकड़ा गया है। डीसीपी के अनुसार, उनके पास से भारतीय पासपोर्ट और आधार कार्ड, वोटर कार्ड जैसे पहचान पत्र बरामद किए गए हैं। उनके पास बांग्लादेश के पासपोर्ट भी हैं।
सबसे बड़ी बात यह है कि बांग्लादेशी 20 साल पहले अवैध रूप से भारत में घुसे थे। पुलिस को एक महिला के पास से वोटर आईडी कार्ड मिला है और डीसीपी ने कहा कि उसने एक बार नगर निगम चुनाव में वोट दिया था।
बता दें कि सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ने एक समन्वित रणनीति का लाभ उठाते हुए अवैध विदेशी नागरिकों से निपटने के लिए एक व्यापक अभियान शुरू किया है। तकनीकी और मैनुअल डेटा द्वारा संचालित चल रहे जमीनी स्तर के सत्यापन से कई संदिग्धों की पहचान हुई है, जो वर्तमान में जांच के दायरे में हैं। अब तक भारत में अवैध रूप से रह रहे 21 बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इसके परिणामस्वरूप 18 बांग्लादेशी नागरिकों को निर्वासित किया गया और 2 एफआईआर दर्ज करने के साथ 3 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ लिया गया।
सत्यापन के दौरान, अवैध रूप से बांग्लादेशियों के रहने का पता चला। जब टीम वहां पहुंची, तो दिल्ली के पहाड़गंज के संगतराशन इलाके में एक किराए की संपत्ति में तीन संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक रहते पाए गए। अवैध प्रवासियों के खिलाफ बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों स्वीटी सरकार उर्फ ​​जोहरा खातून और उनकी बेटी पुष्पो सरकार को कोर्ट में पेश किया गया और सीसीएल को जेजेबी के समक्ष पेश किया गया और उन्हें निरीक्षण गृह भेज दिया गया है। पूछताछ में पता चला कि जोहरा खातून बेनापोल सीमा के रास्ते अवैध रूप से भारत में घुसी थी और 20 साल से ज्यादा समय से दिल्ली में रह रही थी। अक्टूबर 2020 में उसने स्वीटी सरकार के नाम से भारतीय पासपोर्ट बनवाया, जिसमें छतरपुर एन्क्लेव का पता और जन्म स्थान दिल्ली दिखाया गया था।
उसके पास आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड भी है। वह आरके आश्रम मेट्रो स्टेशन के पास एक ट्रैवल कंसल्टेंट कंपनी में काम करती है। उसकी बेटी का भारतीय पासपोर्ट सितंबर 2024 में बना था। इसी मकान में बांग्लादेशी नागरिक मोहम्मद अली अमीन निवासी जिला भोला, बांग्लादेश उम्र 23 वर्ष दिसंबर 2024 में वीजा समाप्त होने के बाद भी यहां रहता पाया गया। उसे एफआरआरओ के माध्यम से निर्वासन के लिए भेजा गया है। आगे की जांच जारी है। सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट अवैध विदेशी नागरिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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