दिल्ली के बेहतरीन जिलों में पोस्टिंग चाहते हैं पुलिस अधिकारी, डीसीपी की तैनाती के लिए लगा रहे जुगाड़
Police officers want posting in the best districts of Delhi, they are making arrangements for the deployment of DCP

दिल्ली/ब्यूरो। आने वाले कुछ दिनों में दिल्ली पुलिस के 15 जिलों में से 8 से 10 जिलों को नए डीसीपी मिलने वाले हैं। डिस्ट्रिक्ट डीसीपी लगने की रेस में 2013 और 2014 बैच के ऑफिसर्स हैं, जिसके चलते इन दिनों आलम यह है कि ये लोग जब एक दूसरे से कहीं भी मिलते हैं तो चर्चा शुरू हो जाती है। ‘और भाई कहां लग रहे हो अब, देखो यार जुगाड़ तो लगाया है, फलाने मंत्री या बाबू के पास हो आया हूं, उम्मीद है अच्छी पोस्टिंग हो ही जाएगी।’पुलिस सूत्रों का कहना है कि इन ऑफिसर्स का अच्छी पोस्टिंग से मतलब है, नई दिल्ली, सेंट्रल, नॉर्थ या साउथ जैसे जिले में पोस्टिंग लेना। जहां क्राइम का ग्राफ कम हो और अन्य सुविधा मिलने के अवसर ज्यादा। सूत्र ने बताया, इस बीच अगर किसी को कह दो कि उत्तर पूर्वी जिले में पोस्टिंग ले लो या मिल गई तो वह सीधा यह कहने लगा है कि भाई बद्दुआ तो मत दो कम से कम। यानी साफ है कि कोई भी चुनौतीपूर्ण जिले जैसे नॉर्थ-ईस्ट और आउटर जैसे जिलों में नहीं जाना चाहता। यही कारण है कि जिसकी पहुंच जहां तक है, वो वहां तक जोर लगा रहा है।
बता दें कि पिछले दिनों कई आईपीएस ऑफिसर्स के ट्रांसफर हुए हैं। कई ऑफिसर्स को दिल्ली से बाहर भी भेजा गया। वहीं बाहर के कई ऑफिसर्स दिल्ली आए हैं। ऐसे में दिल्ली के पांच जिला डीसीपी के पद भी खाली होंगे। इनके अलावा कुछ ऐसे डिस्ट्रिक्ट डीसीपी भी है, जिनका कार्यकाल लगभग पूरा हो चुका है। ऐसे में संभावना है कि उन्हें भी दूसरे जिले या यूनिट में लगाया जा सकता है, जिससे 8 से 10 जिलों को नए डीसीपी मिल सकते हैं।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा करीब 10-15 साल पहले ऐसा होता था कि नए आईपीएस ऑफिसर्स जो एसीपी होते थे, उन्हें चुनौतीपूर्ण इलाकों जैसे सुल्तानपुरी, जहांगीरपुरी, नंद नगरी, सीलमपुर, कल्याणपुरी, समयपुर बादली जैसी सब डिविजन में लगाया जाता था। जिससे वह वहां काफी कुछ सीख सकें। मगर अब देखने में यह आ रहा है कि वहां सिर्फ प्रमोटी एसीपी या दानिप्स ऑफिसर्स ही लगाए जा रहे हैं।




