मेरठ साइबर पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट कर करोड़ों की ठगी करने वाले चार ठगों को किया गिरफ्तार

Meerut Cyber ​​Police arrested four fraudsters who had defrauded crores of rupees through digital arrest

मेरठ/उत्तर प्रदेश। मेरठ की साइबर थाना पुलिस ने रिटायर्ड बैंक अधिकारी को घर पर ही डिजिटल अरेस्ट कर पौने दो करोड़ की ठगी करने में चार आरोपियों को तीन राज्यों से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने ठगे गए 39 लाख रुपये सीज करा दिए। एसपी क्राइम कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों के गैंग में 40 से ज्यादा गुर्गे शामिल हैं। सभी गुर्गों की तलाश जारी है। सभी गुर्गों के बैंक की डिटेल की जानकारी कर रुपये सीज कराने का प्रयास किया जा रहा है।
मेरठ के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में 17 सितंबर को पांडव नगर निवासी सूरज प्रकाश को पांच दिन तक डिजिटल अरेस्ट किया था। इन पांच दिनों में ठग अधिकांश रुपया आरटीजीएस से बताए खाते में ट्रांसफर कराते रहे। कुल मिलाकर 1.74 करोड़ रुपये कई खातों में जमा करा लिए। 22 सितंबर को साइबर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने तीन राज्यों में बैठकर ठगी की वारदात को अंजाम देने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार कर केस का खुलासा कर दिया था।
पूर्व बैंक अधिकारी रिटायर्ड सूरज प्रकाश के पास 17 सितंबर को एक कॉल आई थी। कॉलर ने खुद को टेलीकॉम विभाग से बताते हुए कहा कि आपके सभी रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर बंद किए जा रहे हैं। आपके आधार कार्ड का इस्तेमाल कर कैनरा बैंक में एक खाता खोला गया है, जिसमें 6.80 करोड़ रुपये मनी लॉन्ड्रिंग के आए हैं। इसके बाद उनके वॉट्सऐप नंबर पर कॉल आई। कॉलर ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए उनके खिलाफ महाराष्ट्र में रिपोर्ट दर्ज होने की जानकारी दी। उन्हें जेल भेजने की धमकी देकर डराया।
पीड़ित सूरज प्रकाश और उनकी पत्नी सरोज बाला को ठगों ने घर से बाहर जाने और किसी से मिलने पर रोक लगा दी। वहीं, पांच दिनों तक दोनों को घर में डिजिटल अरेस्ट रखा। 18 सितंबर को उनके खाते से एक बैंक खाते में एक बार 3.80 लाख और दूसरी बार 5 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। 20 सितंबर को एक बैंक खाते में 90 लाख रुपये, 21 सितंबर को एक बैंक खाते में 45 लाख रुपये और दूसरे बैंक खाते में 30 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए थे।
पकड़े गए आरोपियों के बैंक एकाउंट के संबंध में केंद्र सरकार के राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर मेरठ के अलावा विभिन्न राज्यों में 13 शिकायतें दर्ज हैं। नीलेश बालकृष्ण के खाते में पीड़ित ने 90 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। इनमें से 4,99,500 रुपये नावेद एजास सैयद के खाते में ट्रांसफर हुए। नीलेश बालकृष्ण ने अपना बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को रुपये लेकर प्रयोग करने के लिए देना बताया। नावेद एजास सैयद ने बताया कि क्रिप्टो करेंसी बेचकर 4,99,500 रुपये उसके खाते में आए थे। जिसकी उसने दोबारा क्रिप्टो करेंसी खरीद ली। सोम्यासिस पाइन के खाते में 45 लाख रुपये पीड़ित ने ट्रांसफर किए थे। आरोपियों ने अपने और अपनी पत्नी के नाम से एक दर्जन से जायदा खुलवा रखे है। बैंक एकाउंट जिनकी पुलिस अब जांच करने में जुट गई है ।

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