गाजियाबाद में अब गूगल मीट पर होगी सुनवाई, लापरवाह थानाध्यक्षों पर निगरानी, गाजियाबाद पुलिस की गाइडलाइन
Now hearing will be done on Google Meet in Ghaziabad, monitoring of careless police station incharges, Ghaziabad Police guidelines

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक ऐसी व्यवस्था की गई है, जहां पर थानों में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों को अब पुलिस आयुक्त के सामने जवाब देना होगा। फरियादी की शिकायत अगर थाने में नहीं सुनी गई, तो वह फरियादी सीधे गूगल मीट के माध्यम से उच्च अधिकारियों के सामने अपनी बात रख सकेगा।
इस व्यवस्था के जरिए पुलिस थानों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी और पीड़ितों को समय पर न्याय मिलेगा। पुलिस आयुक्त जे रविंदर गौड़ ने बताया कि जल्द ही कमिश्नरेट में एक ऐसी नई प्रणाली लागू की जा रही है। जिससे फरियादियों को न्याय मिल सके।इसके तहत हापुड़ रोड स्थित पुलिस कार्यालय में एक स्क्रीन लगाई जाएगी। जहां रोजाना सुबह 10 बजे सभी थाना प्रभारी गूगल मीट से जुड़े रहेंगे। यदि किसी शिकायतकर्ता की बात थाने में नहीं सुनी गई, तो वह कार्यालय में आकर सीधे थानाध्यक्ष से गूगल मीट पर ही सवाल कर सकेगा।
इस दौरान पीड़ितों को अपनी बात कहने का भी अवसर मिलेगा और लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों की जवाबदेही भी तय होगी। उन्होंने कहा कि गूगल मीट पर सुनवाई के दौरान थाना इंचार्ज से जुड़े रहने से पीड़ित की शिकायत पर सही सवाल पूछे जा सकेंगे और सच्चाई का भी पता चल सकेगा। यदि किसी शिकायतकर्ता की बात थाने में नहीं सुनी गई है, तो अधिकारी उससे कारण पूछेंगे।
पुलिस आयुक्त का कहना है कि इस व्यवस्था से झूठी शिकायतों की भी पहचान होगी और फर्जी मामलों में मुकदमा दर्ज होने से बचा जा सकेगा। यानी मामले में पूरी तरह से पारदर्शिता रहेगी। उन्होंने कहा कि कई बार ऐसा देखा गया है कि पुलिस कार्यालय में फरियादी फर्जी जानकारी देकर केस दर्ज कराने की कोशिश करते हैं। लेकिन अब अधिकारी गूगल मीट के जरिए थाना इंचार्ज से सीधे सवाल कर सच्चाई भी की पुष्टि कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली जल्द ही जनपद में लागू कर दी जाएगी।




