ममता कुलकर्णी ने किन्नर अखाड़े के महामंडलेश्वर पद से दिया इस्तीफा
Mamta Kulkarni resigned from the post of Mahamandaleshwar of Kinnar Akhara

प्रयागराज/उत्त्तर प्रदेश। बॉलीवुड अभिनेत्री रहीं ममता कुलकर्णी ने आज किन्नर अखाड़े के महामंडलेश्वर पद से इस्तीफा दे दिया है। जब से ममता को महामंडलेश्वर बनाया गया, तब से नया विवाद खड़ा हो गया था, जिसके बाद अब उन्होंने इस्तीफे का एलान कर दिया। ममता कुलकर्णी ने आज एक वीडियो जारी कर इस्तीफा देते हुए कहा,मैं किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर के पद से इस्तीफा दे रही हूं। मैं बचपन से ही साध्वी रही हूं और आगे भी रहूंगी। ममता ने आगे कहा कि महामंडलेश्वर का पद मुझे केवल सम्मान के रूप में दिया गया था। मैं इस्तीफा इसलिए दे रही हूं ताकि इसको लेकर विवाद खत्म हो। उन्होंने आगे कहा कि मैं शुरू से साधवी रही हूं और आगे भी रहूंगी और अखाड़ों को गलत बोलना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि मैंने ये देखा कि मेरे महामंडलेश्वर बनने से कई लोगों को दुख था और वो एक दूसरे से झगड़ रहे हैं, यही कारण है कि मैं इस्तीफा दे रही हूं।
ममता कुलकर्णी ने बीते दिनों प्रयागराज में महाकुंभ पहुंचकर अपना पिंडदान किया और संन्यास की दीक्षा ली थी। इसके बाद उन्हें यामाई ममता नंद गिरी का नाम दिया गया। किन्नर अखाड़े ने ममता कुलकर्णी का पट्टाभिषेक कर उन्हें महामंडलेश्वर की उपाधि दी थी। इससे वह अखाड़े की साध्वी के रूप में जानी जाने लगी थी। किन्नर अखाड़े के आचार्य लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने उन्हें दीक्षा दी थी। पट्टाभिषेक के बाद ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर की पदवी दी गई और उनको नया नाम श्री यामाई ममता नंद गिरि दिया गया। इसके पहले उन्होंने एक वीडियो भी जारी किया था, जिसमें में उन्होंने बताया कि साध्वी बनने के बाद वे संगम, काशी और अयोध्या की यात्रा करेंगी। ममता कुलकर्णी ने कहा था कि यह मेरा सौभाग्य है कि महाकुंभ की पवित्र बेला में संन्यास लिया। मैंने 23 वर्ष पहले अपने गुरु श्री चैतन्य गगन गिरि से कुपोली आश्रम में दीक्षा ली थी। अब पूरी तरह से संन्यासिनी बनी। भारतीय सिनेमा में फिल्म तिरंगा (1992) से अपने करियर की शुरुआत करने वाली ममता कुलकर्णी एक फेमस अभिनेत्री और मॉडल रह चुकी हैं। ममता कुलकर्णी का जन्म मराठी ब्राह्मण परिवार में 20 अप्रैल 1972 को मुंबई में हुआ था।




