राम रहीम को पैरोल देने से पहले हमसे इजाजत लें, हाई कोर्ट ने हरियाणा सरकार को लगाई फटकार

चंडीगढ़/एजेंसी। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने गुरुवार को हरियाणा सरकार से कहा कि बलात्कार के दोषी गुरमीत राम रहीम सिंह को अदालत की पूर्व अनुमति के बिना पैरोल नहीं दी जा सकती। सिंह दो महिला अनुयायियों के बलात्कार के मामले में 20 साल की जेल की सजा काट रहे हैं और हाल ही में उन्हें 50 दिन की पैरोल दी गई थी। इससे पहले उसे नवंबर 2023 में 21 दिन की पैरोल पर जेल से रिहा किया गया था। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने राम रहीम को पैरोल दिए जाने के विरोध में हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने हरियाणा सरकार को निर्देश देते हुए यह भी पूछा कि राम रहीम की तरह और कितने लोगों को पैरोल दी गई है।
2023 में गुरमीत राम रहीम सिंह को तीन बार पैरोल दी गई। जनवरी में 40 दिन, जुलाई में 30 दिन और नवंबर में 21 दिनों के लिए। 2022 में भी उसे तीन बार हरियाणा के रोहतक की सुनारिया जेल से रिहा किया गया। फरवरी 2022 में तीन सप्ताह की पैरोल दी गई, फिर उसी वर्ष जून में, वह एक महीने के लिए बाहर था।अक्टूबर 2022 में भी उन्हें 40 दिन की पैरोल दी गई थी।
डेरा प्रमुख और तीन अन्य को 16 साल से अधिक समय पहले एक पत्रकार की हत्या के लिए 2019 में दोषी ठहराया गया था। दो साल बाद 2021 में, सिंह और चार अन्य को भी डेरा प्रबंधक रणजीत सिंह की हत्या की साजिश रचने के लिए दोषी ठहराया गया था।




