राजस्थान में दो सगी बहनों से शख्स ने की शादी,वजह जानकर हर कोई कर रहा तारीफ

टोंक,(राजस्थान)। रिश्तों को तार-तार करने वाले कई मामले आए दिन देखने व सुनने को मिलते हैं। लेकिन रिश्ते को संवारने का कोई अनूठा मामला सामने आए तो यह सुकून देने वाली खबर है। इसमें एक बड़ी बहन ने मानसिक रूप से कमजोर छोटी बहन को जिंदगी भर संबल देने के लिए जीवन का बहुत बड़ा समझौता किया। यह मामला है राजस्थान के टोंक जिले के उनियारा उपखंड के मोरझाला की झोपड़िया गांव का हैं, जहां एक दुल्हन कांता मीणा ने अपनी छोटी बहन के साथ गत 5 मई को एक ही मंडप में एक ही दूल्हे हरिओम मीणा के साथ विवाह के बंधन में बंध गई। जिसको लेकर हर जगह काफी चर्चा का विषय बना हुआ है।
हरिओम के सामने रखी दोनों बेटियों से साथ शादी करने की शर्त
उनियारा उपखंड के मोरझाला की झोपड़िया गांव निवासी रामप्रसाद मीणा अपने पुत्र हरिओम मीणा के विवाह के लिए निवाई के सोन्दडा खादया की ढाणी में बाबूलाल मीणा के घर रिश्ता भेजा। जहां बाबूलाल ने रिश्ता तो कबूल कर लिया। लेकिन उन्होंने बेटी कांता की ऐसी शर्त रखी, जिस पर रामप्रसाद सोचने पर मजबूर हो गए। कांता के पिता बाबूलाल ने रामप्रसाद मीणा के सामने अपनी दोनों बेटियों की एक साथ उनके बेटे हरिओम के साथ विवाह करने की शर्त रखी। इसमें दुल्हन कांता के पिता ने उन्हें बताया कि उनकी छोटी बेटी सुमन मानसिक रूप से कमजोर है। इस कारण वे दोनों बेटियों का एक साथ विवाह करेंगे। अगर शर्त मंजूर हो तो रिश्ते को आगे बढ़ाएं। इस पर दूल्हे के पिता और दुल्हा इस बात को लेकर सहमत हो गए।
छोटी बहन के कारण कांता ने किया बड़ा त्याग
कांता की छोटी बहन सुमन मानसिक रूप से कुछ कमजोर है।इस कारण उसे अपनी छोटी बहन की हर समय चिंता रहती है। मानसिक रूप से कमजोर होने के कारण कांता ही अपनी छोटी बहन सुमन का हर समय ख्याल रखती है। इसको लेकर दुल्हन कांता ने अपना मन बना रखा था, कि वह जब ही शादी करेगी।जब दूल्हा उसके साथ उसकी छोटी बहन के साथ भी फेरे लेगा।इसको लेकर कांता ने दूल्हे के परिवार के समक्ष यह शर्त रखी थी। दुल्हन कांता का कहना हैं कि शादी होने के बाद वह अपनी बहन को साथ में रखकर जीवन भर उसका ध्यान रख सकेगी। कांता के इस त्याग और अनूठी पहल को लेकर लोगों में काफी चर्चा हो रही है।
कांता की इस पहल से खुश है दूल्हा हरि ओम
दूल्हा हरिओम ने स्नातक तक पढ़ाई की है और वह वर्तमान में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। वह दुल्हन कांता के इस फैसले को लेकर खुश है। उसे इससे कोई आपत्ति नहीं हैं।उसने अपनी पत्नी की इस पहल की प्रशंसा की। उसने कहा कि वह दोनों सगी बहनों से शादी करके खुश है और उन्हें हमेशा खुश रखने का प्रयास करेगा। उसने यह कदम ससुराल पक्ष की इस पीड़ा को देखकर उठाया है। वही दुल्हन कांता ने उर्दू में स्नातकोत्तर किया है और उसकी छोटी बहन सुमन आठवीं तक पढ़ी-लिखी है। इस दौरान यह विवाह समारोह कोई चोरी छुपे तरीके से आयोजित नहीं हुआ। बल्कि इस विवाह समारोह को बड़े भव्य तरीके से आयोजित किया गया। जिसके कई लोग साक्षी बने।




