जमुना-कोतमा में महिला एवं बाल संरक्षण कानूनों पर जागरूकता कार्यक्रम, महिलाओं को बताए कानूनी अधिकार
जमुना-कोतमा क्षेत्रीय मुख्यालय में महिला एवं बाल संरक्षण कानूनों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें घरेलू हिंसा, कार्यस्थल पर उत्पीड़न, बाल विवाह और पॉक्सो कानून की जानकारी देते हुए महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही महिला हेल्पलाइन 181 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की जानकारी दी गई।

अनूपपुर,मध्य प्रदेश। महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और बच्चों के अधिकारों के संरक्षण को लेकर अनूपपुर जिले के जमुना-कोतमा क्षेत्रीय मुख्यालय एवं कार्यशाला में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कलेक्टर रत्नाकर झा के निर्देशन तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी संजीता भगत के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं को कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न से संरक्षण, घरेलू हिंसा से बचाव, बाल विवाह की रोकथाम और बच्चों को लैंगिक अपराधों से सुरक्षित रखने संबंधी कानूनों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न से संरक्षण अधिनियम, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, वन स्टॉप सेंटर की सहायता सेवाओं, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों को विस्तार से समझाया गया। वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए कानूनी प्रावधानों की जानकारी होना जरूरी है, ताकि जरूरत पड़ने पर पीड़ित समय रहते शिकायत दर्ज करा सकें और उपलब्ध सहायता प्राप्त कर सकें।
महिलाओं को बताया गया कि कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार के लैंगिक उत्पीड़न की स्थिति में संबंधित कानूनी प्रक्रिया के तहत शिकायत की जा सकती है। घरेलू हिंसा अथवा संकट की परिस्थितियों में वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से सहायता और संरक्षण सेवाएं प्राप्त करने की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम में सुरक्षित, सम्मानजनक और भेदभावमुक्त कार्यस्थल सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और पॉक्सो कानून के संबंध में जानकारी देते हुए बच्चों को शोषण एवं लैंगिक अपराधों से बचाने तथा बाल विवाह की रोकथाम में समाज की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया। महिलाओं से अपील की गई कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और महिलाओं या बच्चों के विरुद्ध हिंसा अथवा अपराध की जानकारी मिलने पर संबंधित अधिकारियों को सूचित करें। इस दौरान महिला हेल्पलाइन नंबर 181 और चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 की जानकारी भी साझा की गई।
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग की सहायक संचालक मंजूषा शर्मा, स्थानीय परिवाद समिति की अध्यक्ष सुमिता शर्मा, अधिवक्ता एवं क्षेत्रीय सुरक्षा अधिकारी राजेश खन्ना, क्षेत्रीय अधिकारी कार्मिक ज्योति कुमार, विधि सह परिवीक्षा अधिकारी अशोक कुमार त्रिपाठी, पर्यवेक्षक सीमा सिंह तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से मुसाफिर प्रजापति और भगवान दास मिश्रा सहित क्षेत्रीय मुख्यालय में कार्यरत महिलाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों को कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक कर सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण के निर्माण को प्रोत्साहित करना रहा।




