विशेष अभियान 6.0 के तहत विद्यार्थियों को ई-कचरा प्रबंधन की दी गई जानकारी
शिक्षा मंत्रालय के विशेष अभियान 6.0 के तहत खखरेरू के उच्च प्राथमिक विद्यालय कोट प्रथम और प्राथमिक विद्यालय कोट द्वितीय में विद्यार्थियों को ई-कचरा प्रबंधन एवं स्वच्छता की जानकारी दी गई। एआरपी निरपत सिंह ने चार रंगों के डिब्बों के माध्यम से खतरनाक, इलेक्ट्रॉनिक, गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण की जानकारी देकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया।

संवाददाता/सत्येंद्र शुक्ला
फतेहपुर,उत्तर प्रदेश। पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और ई-कचरे के सुरक्षित निस्तारण के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने के उद्देश्य से शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के विशेष अभियान 6.0 के अंतर्गत खखरेरू क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय कोट प्रथम एवं प्राथमिक विद्यालय कोट द्वितीय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बच्चों को कचरे के उचित वर्गीकरण, अलग-अलग रंगों के डिब्बों के उपयोग और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के महत्व की जानकारी दी गई।
इस दौरान धाता के सहायक संदर्भ व्यक्ति निरपत सिंह ने विद्यार्थियों को बताया कि कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर निर्धारित डिब्बों में डालना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने चार रंगों के डिब्बों का उदाहरण देते हुए कचरे के पृथक्करण की प्रक्रिया समझाई, ताकि बच्चे विद्यालय के साथ-साथ अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों में भी स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी निभा सकें।
बच्चों को बताया गया कि लाल रंग के डिब्बे का उपयोग निर्धारित खतरनाक कचरे के लिए किया जाता है, जबकि काले रंग के डिब्बे में मोबाइल फोन, बैटरी, तार और अन्य अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं जैसे ई-कचरे को अलग रखने की जानकारी दी गई। हरे रंग के डिब्बे में गीला कचरा तथा नीले रंग के डिब्बे में सूखा कचरा डालने के बारे में समझाया गया। विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि इलेक्ट्रॉनिक कचरे को सामान्य कचरे में मिलाने के बजाय सुरक्षित तरीके से एकत्र कर अधिकृत संग्रह केंद्रों तक पहुंचाना चाहिए, ताकि पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि कचरे का सही प्रबंधन केवल सफाई कर्मचारियों या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सहभागिता जरूरी है। विद्यार्थियों को स्वच्छता की आदत अपनाने, कचरे को इधर-उधर न फेंकने और दूसरों को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर एलएलएफ संस्था से मनोज मिश्रा, उच्च प्राथमिक विद्यालय कोट प्रथम के प्रभारी प्रधानाध्यापक सत्यजीत सिंह तथा दोनों विद्यालयों का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी विकसित करने और स्वच्छता अभियान को जनभागीदारी से प्रभावी बनाने का संदेश दिया गया।




