जामिया प्रदर्शन को लेकर एफआईआर दर्ज, कांग्रेस सांसदों समेत कई लोगों पर अनधिकृत प्रवेश के आरोप
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ बहाली की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी और इमरान मसूद समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। शिकायत में अनधिकृत प्रवेश, संपत्ति को नुकसान और शैक्षणिक गतिविधियों में बाधा डालने के आरोप हैं।

नई दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ की बहाली की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव मो. महताब आलम रिजवी की शिकायत पर 25 अक्टूबर को जामिया नगर थाने में दर्ज मामले में कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी और इमरान मसूद समेत कई लोगों पर परिसर में कथित तौर पर अनधिकृत प्रवेश, विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और शैक्षणिक गतिविधियों में बाधा डालने के आरोप लगाए गए हैं।
शिकायत के अनुसार, इमरान प्रतापगढ़ी ने 21 अक्टूबर को कथित रूप से गेट नंबर 4ए का ताला तोड़कर परिसर में प्रवेश किया, जबकि इमरान मसूद 23 अक्टूबर को गफूर नगर के पास चारदीवारी फांदकर अंदर पहुंचे। समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिब्बुल्लाह नदवी के परिसर पहुंचने का भी शिकायत में उल्लेख है। पुलिस के अनुसार, उन्हें परिसर में प्रवेश से पहले ही हिरासत में ले लिया गया था।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 24 अक्टूबर को कुछ बाहरी लोगों ने राजनीति विज्ञान विभाग की इमारत में प्रवेश कर वहां ताला लगा दिया, जिससे शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हुईं। विश्वविद्यालय प्रशासन का आरोप है कि कुछ ऐसे लोगों ने भी परिसर में प्रवेश किया, जो न तो छात्र थे और न ही कर्मचारी। शिकायत में दीवारों पर आपत्तिजनक बातें लिखने, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कर्मचारियों से कथित हाथापाई का भी उल्लेख किया गया है।
पुलिस ने प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता की अनधिकृत प्रवेश, गलत तरीके से रोकने, चोट पहुंचाने, उपद्रव, आपराधिक धमकी, आपराधिक साजिश और समान मंशा से संबंधित धाराएं लगाई हैं। इसके अलावा सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, 1984 और दिल्ली संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम, 2007 के प्रावधान भी शामिल किए गए हैं।
जामिया मिल्लिया इस्लामिया छात्र संघ की बहाली की मांग को लेकर 12 अक्टूबर से प्रदर्शन चल रहा है। छात्र संघ करीब दो दशक से भंग है। प्रदर्शनकारी छात्र अनुशासनात्मक कार्रवाई वापस लेने समेत अन्य मांगें भी उठा रहे हैं। बढ़ते तनाव के बीच विश्वविद्यालय ने छात्रों की सुरक्षा का हवाला देते हुए सभी पाठ्यक्रमों की कक्षाएं ऑनलाइन कर दी हैं।
वहीं, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की जामिया इकाई ने पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के आरोप लगाए हैं। संगठन का दावा है कि छात्रों को हिरासत में लिया गया और प्रदर्शन स्थल पर लगाए गए तंबू हटाए गए। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। विश्वविद्यालय का कहना है कि गेट नंबर 18 प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल है, जबकि गुलिस्तान-ए-गालिब लॉन में चल रहे आंदोलन को प्रशासन ने अनधिकृत कब्जा बताया है। मामले में पुलिस की जांच जारी है।




