प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़े मामलों की जांच की मांग, प्रतिनिधिमंडल ने एसएसपी को सौंपा ज्ञापन

मथुरा-वृंदावन की छवि को लेकर प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़े बाहरी शिष्यों की जांच की मांग की गई है। प्रतिनिधिमंडल ने एसएसपी को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।

मथुरा,उत्तर प्रदेश। मथुरा-वृंदावन की धार्मिक छवि और सनातन संस्कृति से जुड़े मुद्दों को लेकर संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़े कुछ बाहरी शिष्यों की गतिविधियों की निष्पक्ष जांच की मांग उठी है। इस संबंध में अखिल भारत हिंदू महासभा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष पंडित संजय हरियाणा और श्री परशुराम शोभायात्रा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामगोपाल शर्मा के संयुक्त नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन में आश्रम से जुड़े बाहरी शिष्यों की गतिविधियों, कथित वित्तीय लेनदेन और आश्रम की व्यवस्थाओं की बिंदुवार जांच कराने की मांग की। शिकायतकर्ताओं ने आरोपों की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग भी की।
प्रतिनिधिमंडल का आरोप है कि वृंदावन स्थित केली कुंज आश्रम और नए आश्रम की व्यवस्थाओं से जुड़े कुछ बाहरी शिष्यों के कामकाज में पारदर्शिता की कमी है। शिकायतकर्ताओं ने दावा किया कि आश्रम में रहने वाले शिष्यों का कोई आधिकारिक रजिस्टर नहीं रखा जा रहा है और उनके परिजनों को भी पर्याप्त जानकारी नहीं दी जा रही है। उन्होंने इन आरोपों की पुलिस जांच कराने की मांग की है।
ज्ञापन में खादर क्षेत्र की गोचर भूमि से जुड़े कथित लेनदेन, आम लोगों और परिजनों के साथ मारपीट के आरोप तथा हाल में एक शिष्य की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का भी उल्लेख किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने इन सभी मामलों की अलग-अलग जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की।
शिकायतकर्ताओं ने आश्रम और संत प्रेमानंद महाराज के नाम पर कथित रूप से जुटाए जा रहे धन तथा वाहनों के काफिले को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि यदि महाराज स्वयं चंदा स्वीकार नहीं करते हैं तो उनके नाम पर एकत्र की जा रही धनराशि और संपत्ति से जुड़े स्रोतों की जांच की जानी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने वित्तीय लेनदेन की भी जांच की मांग की।
ज्ञापन में महाराज के स्वास्थ्य को लेकर भी कुछ आशंकाएं जताई गईं। शिकायतकर्ताओं ने दावा किया कि गंभीर बीमारी से जूझ रहे महाराज को कथित रूप से दूसरे स्थान पर ले जाने को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। उन्होंने इस संबंध में भी तथ्यों की जांच की मांग की।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को सुनने के बाद ज्ञापन में उठाए गए सभी बिंदुओं की जांच कर तथ्यों के आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि मथुरा-वृंदावन की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े मामलों में निष्पक्ष जांच और पारदर्शी कार्रवाई आवश्यक है।
हालांकि, ज्ञापन में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी वास्तविकता है और किन मामलों में कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता है।

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