खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी में पकड़ी गई अवैध गुड़ भट्टी, 15 क्विंटल खराब गुड़ नष्ट करने की कार्रवाई शुरू
जिले के खखरेरू थाना क्षेत्र के चकिया गांव में खाद्य सुरक्षा विभाग ने पुलिस बल के साथ एक अवैध गुड़ भट्टी पर छापेमारी की। यह भट्टी कौशाम्बी निवासी बृजेश केसरवानी द्वारा किराए की जमीन पर चलाई जा रही थी। आरोपी खाने के अयोग्य हो चुके पुराने सड़े गुड़ में चीनी और अत्यधिक कृत्रिम रंग मिलाकर उसे दोबारा पका रहा था। अधिकारियों ने मौके से भारी मात्रा में चीनी बरामद की और गुड़ के 4 सैंपल जांच के लिए भेजे। टीम ने जनस्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाले लगभग 15 क्विंटल खराब गुड़ को सीज कर नष्ट करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

संवाददाता/सत्येंद्र शुक्ला
फतेहपुर,उत्तर प्रदेश। जिले के खखरेरू थाना क्षेत्र के चकिया गांव में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापेमारी कर अवैध रूप से संचालित गुड़ भट्टी का भंडाफोड़ किया। जांच के दौरान मौके पर खराब और खाने योग्य न रह गए पुराने गुड़ को चीनी मिलाकर दोबारा पकाने का मामला सामने आया। टीम ने मौके से गुड़ और चीनी के नमूने सहित कुल चार नमूने जांच के लिए लिए हैं। वहीं करीब 15 क्विंटल खराब गुड़ को सीज कर उसे नष्ट करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा जय सिंह कुशवाहा के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा विभाग की तीन सदस्यीय टीम ने मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे क्षेत्रीय पुलिस बल के साथ चकिया गांव में छापेमारी की। मौके पर गुड़ तैयार करने के लिए भट्टी संचालित मिली। अधिकारियों के मुताबिक भट्टी रामचन्द्र सिंह निवासी चकिया की जमीन पर लगी थी, जिसे बृजेश केसरवानी पुत्र चिरौंजी लाल केसरवानी, निवासी सरायअकिल, जनपद कौशांबी ने किराए पर ले रखा था।
जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि वहां पुराने और खराब गुड़ को दोबारा पकाने की प्रक्रिया चल रही थी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार संचालक पुराने गुड़ में चीनी मिलाकर उसे दोबारा तैयार कर रहा था। प्रारंभिक जांच में गुड़ में रंग की मात्रा अधिक दिखाई देने की बात सामने आई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मौके से चीनी बरामद हुई है, जबकि किसी विशेष रासायनिक पदार्थ की प्रत्यक्ष बरामदगी नहीं हुई है। गुड़ में इस्तेमाल किए गए रंग अथवा अन्य पदार्थों की वास्तविक स्थिति प्रयोगशाला जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके से कुल चार नमूने लिए, जिन्हें जांच के लिए भेजा जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इसके साथ ही करीब 15 क्विंटल ऐसे पुराने गुड़ को सीज किया गया, जिसे अधिकारियों ने मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाया। विभाग की ओर से इसे नियमानुसार नष्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
पूछताछ के दौरान भट्टी संचालक की ओर से अधिकारियों को बताया गया कि गुड़ तैयार करने का यह काम करीब एक महीने पहले ही शुरू किया गया था। विभाग अब यह भी जांच कर रहा है कि यहां तैयार किया जा रहा गुड़ कहां और किस माध्यम से बाजार में भेजा जा रहा था। नमूनों की प्रयोगशाला जांच के बाद उत्पाद की गुणवत्ता और उसमें प्रयुक्त रंग समेत अन्य पदार्थों की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
छापेमारी के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग के तीन अधिकारी और क्षेत्रीय पुलिस बल मौजूद रहा। अधिकारियों ने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से समझौता करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग की इस कार्रवाई से अवैध रूप से खाद्य पदार्थ तैयार करने वाले कारोबारियों में भी हड़कंप की स्थिति बताई जा रही है।




