पश्चिम बंगाल में सड़क किनारे मिले आधार कार्ड और पोस्ट ऑफिस पासबुक, चोरी के दस्तावेज होने की आशंका से मचा हड़कंप

पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर में लोगों के कई सरकारी डॉक्युमेंट के साथ थोक भाव में आधार कार्ड सड़क किनारे फेंका हुआ मिला। कचरे की तरह फेंके गए डॉक्युमेंट में आयुष्मान कार्ड भी है। बता दें कि आधार कार्ड पहचान के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज है जबकि आयुष्मान योजना के लाभ के लिए लाभार्थी को कार्ड की जरूरत पड़ती है।

उत्तर दिनाजपुर,पश्चिम बंगाल। इस्लामपुर शहर के वार्ड नंबर 13 स्थित शांतिनगर रेल गेट के पास बुधवार को सड़क किनारे बड़ी संख्या में आधार कार्ड, डाकघर की पासबुक, आयुष्मान कार्ड समेत विभिन्न सरकारी दस्तावेज बिखरे मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। दस्तावेजों की जानकारी मिलते ही मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलने पर इस्लामपुर थाना पुलिस और डाकघर के अधिकारी मौके पर पहुंचे और दस्तावेजों को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, सड़क किनारे अलग-अलग स्थानों पर बड़ी संख्या में सरकारी कागजात बिखरे पड़े थे। इनमें स्थानीय लोगों के साथ-साथ अन्य इलाकों के पते वाले दस्तावेज भी शामिल हैं। कुछ दिन पहले इस्लामपुर डाकघर में चोरी की घटना सामने आने के बाद आशंका जताई जा रही है कि बरामद दस्तावेज उसी घटना से जुड़े हो सकते हैं। हालांकि, पुलिस और डाक विभाग ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।
मौके पर पहुंची पुलिस और डाकघर अधिकारियों ने दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच की। अधिकारियों के मुताबिक, यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ये दस्तावेज कब जारी किए गए थे और इन्हें सड़क किनारे किस परिस्थिति में फेंका गया। डाक विभाग की ओर से यह भी जांच की जा रही है कि बरामद कागजात का वर्ष 2023 में इस्लामपुर डाकघर से चोरी हुए दस्तावेजों से कोई संबंध है या नहीं।
शांतिनगर निवासी राजा दास ने बताया कि उन्हें सड़क किनारे आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज पड़े होने की जानकारी मिली, जिसके बाद वह मौके पर पहुंचे। स्थानीय वार्ड पार्षद असित सेन ने कहा कि आधार कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेज लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। उन्होंने इस तरह दस्तावेजों का सड़क पर मिलना गंभीर मामला बताते हुए डाकघर अधिकारियों से नाम-पते के आधार पर संबंधित लोगों तक दस्तावेज पहुंचाने का आग्रह किया।
डाक विभाग के अधिकारी बिंदु चंद चंद्रा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि बरामद दस्तावेज पुराने चोरी के मामले से जुड़े हैं या नहीं। इस्लामपुर पुलिस भी यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी संख्या में महत्वपूर्ण दस्तावेज सड़क किनारे कैसे पहुंचे और इन्हें वहां किसने फेंका।
आधार कार्ड, डाकघर की पासबुक और आयुष्मान कार्ड जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज सड़क किनारे मिलने से स्थानीय लोगों में अपने व्यक्तिगत दस्तावेजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। पुलिस और डाक विभाग की जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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