जयपुर में फर्जी एप्पल कस्टमर केयर कॉल सेंटर का पर्दाफाश, 13 गिरफ्तार
जयपुर वेस्ट के बिंदायका थाना क्षेत्र से चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। यहां एक फर्जी कॉल सेंटर किराए के फ्लैट में चलाया जा रहा था, जहां बैठकर अमेरिकी नागरिकों को ठगा जा रहा था।

जयपुर,एजेंसी। जयपुर पुलिस और स्टेट साइबर क्राइम ब्रांच ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बिंदायका थाना क्षेत्र में चल रहे कथित फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस के अनुसार, यहां से साइबर ठग अमेरिकी नागरिकों को एप्पल कस्टमर सर्विस के नाम पर निशाना बनाकर ऑनलाइन ठगी कर रहे थे। पुलिस ने मौके से 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सामान बरामद किया है।
डीसीपी पश्चिम प्रशांत किरण और स्टेट साइबर क्राइम ब्रांच के डिप्टी एसपी आदित्य पूनिया के अनुसार, बिंदायका थाना क्षेत्र स्थित मंगलम ग्रांड रेजीडेंसी के एक फ्लैट में फर्जी कॉल सेंटर संचालित किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर बिंदायका पुलिस और साइबर क्राइम ब्रांच की टीम ने फ्लैट पर दबिश दी। पुलिस का दावा है कि कार्रवाई के दौरान आरोपी कथित रूप से साइबर ठगी की गतिविधियों में संलिप्त मिले।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ‘एप्पल कस्टमर सपोर्ट’ के नाम से अमेरिकी नागरिकों को उनके मोबाइल फोन और ईमेल पर संदेश भेजते थे। इसके बाद कस्टमर सर्विस उपलब्ध कराने के नाम पर एडवांस शुल्क मांगा जाता था। पुलिस का कहना है कि आरोपियों द्वारा 399, 499 और 699 अमेरिकी डॉलर तक की रकम वसूली जाती थी। कई मामलों में इससे अधिक राशि भी लिए जाने का आरोप है। रकम मिलने के बाद कथित तौर पर संबंधित मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी को ब्लॉक कर दिया जाता था।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में गुजरात के छह, मुंबई के दो तथा नागालैंड, असम, चंडीगढ़, नेपाल, सीकर और जयपुर के एक-एक आरोपी शामिल हैं। आरोपियों की पहचान गोहिल निकुंज, वाहिद, रहीस, इरशाद, मोहम्मद इमाम हुसैन चौधरी, सौरभ शर्मा, निशिथ, मानस खटनियार, अक्षय नारायण भाई पटेल, श्रेय भारद्वाज, गगन पाल, शिवम प्रजापति और देव दलाल के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10 लैपटॉप, 24 मोबाइल फोन, कथित फर्जी सिम कार्ड, राउटर, चार्जर और एक्सटेंशन बोर्ड समेत अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस अब बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है, ताकि कथित साइबर ठगी से जुड़े नेटवर्क और इससे प्रभावित लोगों की जानकारी जुटाई जा सके।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कॉल सेंटर के जरिए विदेशों में रहने वाले लोगों को कस्टमर सर्विस के नाम पर संपर्क किया जाता था। मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गिरोह कब से सक्रिय था, अब तक कितने लोगों को निशाना बनाया गया और ठगी की रकम किस माध्यम से वसूली तथा स्थानांतरित की जाती थी। पुलिस ने मामले में आगे की जांच जारी होने की बात कही है।




