धधनबाद के अंचलाधिकारी रामप्रवेश कुमार से अपराधियों ने मांगी एक करोड़ की रंगदारी
धनबाद सदर अंचलाधिकारी रामप्रवेश कुमार से व्हाट्सएप संदेश के माध्यम से एक करोड़ रुपये की अवैध राशि की मांग की गई है। राशि नहीं देने पर गोली मारने की धमकी भी दी गई।

धनबाद,झारखंड। धनबाद सदर अंचलाधिकारी रामप्रवेश कुमार से व्हाट्सऐप संदेश के जरिए एक करोड़ रुपये की कथित रंगदारी मांगने और रकम नहीं देने पर गोली मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। अंचलाधिकारी ने धनबाद थाना में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अंचलाधिकारी के अनुसार, 14 सितंबर की शाम करीब 7.11 बजे एक अज्ञात मोबाइल नंबर से उनके मोबाइल पर व्हाट्सऐप संदेश भेजा गया। संदेश में एक करोड़ रुपये देने की मांग की गई और रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी गई। शिकायत के मुताबिक, संदेश भेजने वाले ने कथित रंगदारी की रकम भारतीय स्टेट बैंक की राजगंज शाखा के एक खाते में जमा कराने को कहा और इसके लिए बैंक खाते का विवरण भी भेजा।
अंचलाधिकारी ने पुलिस को धमकी भरे संदेश की प्रति उपलब्ध कराई है। शिकायत में संदेश भेजने वाले संदिग्ध व्यक्ति की पहचान ‘राजू’ के रूप में किए जाने की बात भी कही गई है। पुलिस अब संबंधित मोबाइल नंबर और बताए गए बैंक खाते की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जिस मोबाइल नंबर से धमकी भेजी गई, वह बिहार का बताया जा रहा है। जांच में इस नंबर की गतिविधियां पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर और दरभंगा के अलावा झारखंड के रांची, जमशेदपुर, धनबाद, झरिया, सिंदरी और बोकारो में सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि, इन जानकारियों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस को सिम कार्ड फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लिए जाने की आशंका भी है, जिसकी जांच की जा रही है।
व्हाट्सऐप संदेश के जरिए रंगदारी मांगने के तरीके को देखते हुए पुलिस इस मामले में धनबाद के अपराध जगत से जुड़े विभिन्न पहलुओं की भी जांच कर रही है। इस तरह की धमकी देने का तरीका पूर्व में वासेपुर के कुख्यात अपराधी प्रिंस खान के मामलों में सामने आने की बात कही जाती रही है। हालांकि, मौजूदा मामले में प्रिंस खान या उसके गिरोह की संलिप्तता की अभी पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
सदर थाना के इंस्पेक्टर मनोज पांडेय ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। मोबाइल नंबर, बैंक खाते और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर धमकी भेजने वाले की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।



