चार लाख की कथित रिश्वत मांगने का आरोप, दो लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ नगरपालिका सीएमओ गिरफ्तार
एमपी के मंडला नगर पालिका सीएमओ को लोकायुक्त ने 2 लाख रुपए की बड़ी रकम की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। लोकायुक्त जबलपुर की अचानक हुई कार्रवाई से हड़कंप मच गया। बता दें कि गणेश विसर्जन के व्यस्ततम दिन भी नपा में बैठकर सीएमओ भ्रष्टाचार की कमाई खा रहे थे।

मंडला,मध्य प्रदेश। मंडला नगर पालिका में ठेके के भुगतान के एवज में कथित कमीशन मांगने का मामला लोकायुक्त की कार्रवाई तक पहुंच गया। लोकायुक्त पुलिस के अनुसार नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी गजानन नाफड़े पर ठेकेदार से करीब चार लाख रुपये की कथित रिश्वत मांगने का आरोप है। शुक्रवार को दो लाख रुपये की पहली किश्त लेते समय लोकायुक्त टीम ने उन्हें नगरपालिका कार्यालय में पकड़ लिया।
लोकायुक्त के मुताबिक, ठेकेदार से कथित तौर पर करीब 12 प्रतिशत कमीशन की मांग की गई थी और पहली किश्त के रूप में दो लाख रुपये देने की बात तय हुई थी। नगर पालिका की ओर से पेयजल आपूर्ति के लिए फिटकरी और शहर में प्रकाश व्यवस्था से जुड़े कार्य का ठेका जबलपुर के गंगानगर निवासी मंजू बेन की फर्म को मिला था। संबंधित कार्य के लिए करीब 39.23 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका था।
इसके अलावा मंजू बेन के पति ज्ञानचंद बेन को वाटर कूलर और पाइप ज्वाइंटर से संबंधित कार्य का ठेका दिया गया था। उनके करीब 15 लाख रुपये के भुगतान से जुड़े बिल लंबित बताए गए हैं। आरोप है कि इसी भुगतान के एवज में कमीशन की मांग की जा रही थी। ज्ञानचंद बेन ने कथित रिश्वत मांग की शिकायत जबलपुर लोकायुक्त पुलिस से की थी।
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने पहले आरोपों का सत्यापन कराया। मांग की पुष्टि होने के बाद ट्रैप की योजना बनाई गई। तय कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार दोपहर करीब 12.30 बजे ठेकेदार नगरपालिका कार्यालय पहुंचा और कथित तौर पर दो लाख रुपये सीएमओ को दिए। इसी दौरान पहले से मौजूद लोकायुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़ लिया और रकम जब्त कर ली।
कार्रवाई के बाद लोकायुक्त पुलिस ने सर्किट हाउस में पंचनामा समेत अन्य औपचारिकताएं पूरी कीं। सीएमओ के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है। जांच में कथित चार लाख रुपये की मांग, लंबित भुगतान, संबंधित ठेकों और नगरपालिका के दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। लोकायुक्त यह भी जांच कर रही है कि कथित कमीशन की मांग किस भुगतान के एवज में की गई थी और मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।




