इंदिरापुरम में शॉर्ट-टर्म रेंटल के विरोध में विंडसर पार्क सोसाइटी के निवासी सड़क पर उतरे
गाजियाबाद में बिना सत्यापन फ्लैट देने पर लोगों ने आपत्ति जताई। लोगों ने रविवार को प्रदर्शन कर इस पर डीएम और जीडीए से हस्तक्षेप की मांग की।

गाजियाबाद। इंदिरापुरम की विंडसर पार्क सोसाइटी में रविवार को अल्पकालिक किराये और कथित व्यावसायिक गतिविधियों के विरोध में बड़ी संख्या में निवासी सड़क पर उतर आए। पुरुषों और महिलाओं ने प्रदर्शन कर आरडब्ल्यूए के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सोसाइटी में बाहरी लोगों की लगातार आवाजाही से सुरक्षा और शांतिपूर्ण माहौल को लेकर चिंता बढ़ रही है। उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
निवासियों के अनुसार सोसाइटी के टावर ए और बी में करीब 270 स्टूडियो अपार्टमेंट हैं। इनमें से कुछ फ्लैटों में लोगों के रोजाना या कुछ दिनों के लिए ठहरने की शिकायत है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कुछ मामलों में पुलिस सत्यापन और आवश्यक पंजीकरण के बिना भी लोगों को ठहराया जा रहा है। उनका कहना है कि कम अवधि के लिए आने-जाने वाले लोगों की जानकारी स्पष्ट नहीं होने से आसपास रहने वाले परिवारों में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है।
प्रदर्शन में शामिल निवासियों ने कुछ अल्पकालिक किराये वाले फ्लैटों में देर रात तक शोर-शराबे की शिकायत की। उनके अनुसार पार्किंग में वाहनों के भीतर शराब पीने, गाली-गलौज और मारपीट जैसी घटनाओं की भी शिकायतें सामने आई हैं। कुछ निवासियों ने खिड़कियों से बोतलें फेंके जाने और महिलाओं तथा बच्चियों पर कथित अभद्र टिप्पणियों का भी आरोप लगाया। हाल में बी-1001 फ्लैट में एक युवती के बेहोश और घायल मिलने के मामले में दर्ज प्राथमिकी का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों ने सोसाइटी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।
निवासियों ने आरडब्ल्यूए अध्यक्ष रीना पटनायक और सचिव विनीत गर्ग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि आरडब्ल्यूए से जुड़े कुछ लोगों और संपत्ति संचालकों की कथित मिलीभगत से व्यावसायिक किराये की गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है। कुछ लोगों ने सचिव से जुड़े व्यक्तियों पर अपार्टमेंट खरीदकर या किराये पर लेकर उन्हें आगे अल्पकालिक किराये पर देने का आरोप भी लगाया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। निवासियों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद आरडब्ल्यूए की ओर से स्पष्ट नीति और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त, जीडीए उपाध्यक्ष और पर्यटन विभाग को शिकायत भेजकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने उत्तर प्रदेश होमस्टे एवं बीएंडबी नीति 2025 के तहत आवश्यक पंजीकरण और पुलिस चरित्र प्रमाणपत्र के बिना संचालित गतिविधियों की जांच कराने की मांग की। ऐसे फ्लैटों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने और जरूरत पड़ने पर उन्हें सील करने की मांग भी रखी गई है। इसके साथ ही आरडब्ल्यूए से सोसाइटी में रह रहे किरायेदारों के किराया समझौते और पुलिस सत्यापन से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
प्रदर्शन में अमित गेरा, आलोक लाल, राजीव कुमार जैन, शोभित त्यागी, मेघा डे, एसपी आर्य, रवि तनूजा, राजीव वर्मा, निधि जैन, सागर गुलाटी, मोहित अग्रवाल, भुवनेश पांडे, पीयूष मिश्रा, नरेंद्र चौधरी, रैना दीक्षित, सांवली सिरोही, साधना मिश्र




