मोबाइल की किस्त वसूलने के लिए मजदूर को बंधक बनाया, खून निकलवाने के आरोप में दो गिरफ्तार

लखनऊ,उत्तर प्रदेश। निगोहां क्षेत्र में मोबाइल की बकाया किस्त वसूलने के लिए एक मजदूर को कथित तौर पर बंधक बनाकर उसका खून निकलवाने के मामले में पुलिस ने फाइनेंस कंपनी के मैनेजर समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने मजदूर को पकड़ने में खर्च हुए पेट्रोल के रुपये निकालने के लिए उसका एक यूनिट रक्त निकलवाया और ब्लड बैंक से मिले रुपये अपने पास रख लिए। पुलिस ने मामले में सुशान्त शर्मा और अनिकेत सिंह उर्फ काका को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी शुभम सिंह फरार है।
पुलिस के मुताबिक, राजारामखेड़ा मजरा पुरहिया निवासी युवक ने फाइनेंस पर 30,500 रुपये का मोबाइल फोन खरीदा था। उसकी 2,607 रुपये की किस्त बकाया थी। आरोप है कि आठ सितंबर को शुभम सिंह अपने एक साथी के साथ उसे मोबाइल की दुकान पर ले जाने की बात कहकर अपने साथ ले गया। इसके बाद उसे बुद्धेश्वर के पास स्थित एक ब्लड बैंक ले जाया गया, जहां उसका एक यूनिट रक्त निकलवाया गया। पुलिस के अनुसार, रक्त के बदले मिली रकम आरोपियों ने अपने पास रख ली।
आरोप है कि रक्त निकलवाने के बाद युवक को शुभम सिंह के घर ले जाया गया, जहां उसे करीब चार दिन तक कथित तौर पर बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उससे पुराने प्लास्टर को छैनी-हथौड़ी से तुड़वाकर मजदूरी कराई गई। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट किए जाने का भी आरोप है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने युवक को पकड़ने में खर्च हुए पेट्रोल की भरपाई के लिए पहले उसके रक्त से मिले पैसों का इस्तेमाल करने की योजना बनाई थी। इसके बाद बची रकम से पार्टी करने की बात भी पूछताछ में सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक, इसके बाद आरोपियों ने मजदूर के बड़े भाई राजकुमार से मोबाइल की बकाया किस्त के नाम पर 2,799 रुपये ऑनलाइन जमा कराए। रकम मिलने के बाद 12 सितंबर को युवक को रैपिडो बाइक के जरिए उसके घर भेज दिया गया। घर पहुंचने के बाद युवक ने परिवार को पूरी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की।
निगोहां पुलिस के अनुसार, मामले की जांच के लिए तीन टीमें गठित की गई थीं। बुधवार रात मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने निगोहां के चमन चौराहे से करीब 100 मीटर दूर राती मार्ग से अनिकेत सिंह उर्फ काका और सुशान्त शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, सुशान्त शर्मा की उम्र करीब 31 वर्ष है और वह टीपीएस क्रेडिट सर्विसेज लिमिटेड के बीबीडी विराज टावर, विभूतिखंड स्थित कार्यालय में मैनेजर के पद पर कार्यरत है।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में यह भी सामने आया कि शुभम सिंह फाइनेंस कंपनी से जुड़ा फील्ड एजेंट है। आरोप है कि मोबाइल की बकाया किस्त वसूलने के लिए आरोपियों ने कानूनी प्रक्रिया अपनाने के बजाय मजदूर को जबरन अपने साथ ले जाकर गैरकानूनी तरीका अपनाया। पुलिस अब मामले में फरार मुख्य आरोपी शुभम सिंह की तलाश कर रही है।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे की जांच की जा रही है। साथ ही ब्लड बैंक से संबंधित परिस्थितियों, युवक को बंधक बनाए जाने और कथित रूप से वसूली गई रकम के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।




