रायबरेली के एसडीएम विवेक राजपूत के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा दर्ज
रायबरेली के ऊंचाहार एसडीएम विवेक राजपूत के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में आगरा विजिलेंस ने मुकदमा दर्ज कराया है।

रायबरेली,उत्तर प्रदेश। रायबरेली जिले की ऊंचाहार तहसील में तैनात उपजिलाधिकारी (एसडीएम) विवेक राजपूत के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस ने मुकदमा दर्ज किया है। आगरा विजिलेंस सेक्टर की जांच में अधिकारी की घोषित एवं वैध आय और संपत्तियों के अर्जन तथा उनके रखरखाव पर हुए खर्च के बीच बड़ा अंतर सामने आने का दावा किया गया है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
विजिलेंस के अनुसार जांच में संबंधित अवधि के दौरान विवेक राजपूत की कुल वैध आय और संपत्ति करीब 38.87 लाख रुपये आंकी गई। वहीं, उनकी संपत्तियों के अर्जन और रखरखाव पर 1.09 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान लगाया गया। इस आधार पर वैध आय और संपत्तियों पर हुए खर्च के बीच करीब 70.92 लाख रुपये का अंतर सामने आया है।
जांच एजेंसी के मुताबिक इस अंतर को लेकर विवेक राजपूत से स्पष्टीकरण मांगा गया था। हालांकि, जांच के दौरान उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद विजिलेंस सेक्टर आगरा के निरीक्षक की ओर से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया। अब मामले में आय के स्रोत, संपत्तियों के दस्तावेज और खर्च से जुड़े अभिलेखों की विस्तृत जांच की जा रही है।
बताया जा रहा है कि मामले की शुरुआत फिरोजाबाद जिले की सिरसागंज तहसील के रुधौनी गांव से जुड़े एक भूमि प्रकरण से हुई थी। जुलाई 2024 में रुधौनी गांव की करीब 75 बीघा जमीन से संबंधित शिकायत सामने आई थी। प्रारंभिक जांच में जमीन के दस्तावेजों और नामांतरण प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। उस समय तत्कालीन एसडीएम विवेक राजपूत के अलावा नायब तहसीलदार, कानूनगो और कुछ अन्य कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई थी।
बाद में शासन स्तर से पूरे प्रकरण की जांच विजिलेंस विभाग को सौंप दी गई। भूमि प्रकरण से संबंधित दस्तावेजों की जांच के दौरान विजिलेंस ने विवेक राजपूत की आय, संपत्तियों के अर्जन और उनके रखरखाव पर हुए खर्च से संबंधित अभिलेखों की भी पड़ताल की। एजेंसी का कहना है कि इसी जांच प्रक्रिया में अधिकारी की वैध आय और संपत्तियों पर हुए खर्च के बीच बड़ा अंतर सामने आया, जिसके आधार पर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया।
वर्तमान में विवेक राजपूत रायबरेली की ऊंचाहार तहसील में एसडीएम के पद पर तैनात हैं। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज होने की जानकारी सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, उनकी वर्तमान तैनाती को लेकर स्थानीय प्रशासन की ओर से किसी स्पष्ट कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। विजिलेंस की जांच फिलहाल जारी है।
मामले को लेकर विवेक राजपूत का कहना है कि प्रकरण वर्ष 2024 से संबंधित है और विजिलेंस द्वारा मुकदमा दर्ज किया जाना आरोपों के न्यायिक रूप से सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले में विवेचना, साक्ष्यों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। उन्होंने यह भी कहा कि वह मामले को हाईकोर्ट में ले जाएंगे।
विजिलेंस की आगे की जांच में अधिकारी की आय के स्रोतों, संपत्तियों की खरीद, उनके रखरखाव पर हुए खर्च और संबंधित दस्तावेजों का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा। जांच में यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि वैध आय और संपत्तियों पर हुए खर्च के बीच सामने आया अंतर किन स्रोतों से संबंधित है तथा अधिकारी की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण और दस्तावेज जांच में कितने सही पाए जाते हैं।
गौरतलब है कि किसी मामले में मुकदमा दर्ज होना आरोपों के न्यायिक रूप से सिद्ध होने के समान नहीं है। आरोपों की अंतिम स्थिति जांच, साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।




